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जेडी वेंस ने दिया बड़ा बयान, बोले- 'वार्ता के दौरान हुई प्रगति, अब ईरान के पाले में है गेंद'

 Published : Apr 14, 2026 11:44 am IST,  Updated : Apr 14, 2026 11:44 am IST

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के दौरान काफी प्रगति हुई है। अब बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए अगला कदम तेहरान को उठाना है।

 US Vice President JD Vance- India TV Hindi
US Vice President JD Vance Image Source : AP

वॉशिंगटन: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई लंबी बातचीत में कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका। दोनों देशों के बीच 21 घंटे तक चली यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी में हुई थी। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने यूरेनियम एनरिचमेंट रोकने की शर्त मानने से इनकार कर दिया है। इस बीच अब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बड़ा बयान दिया है। वेंस ने कहा है कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है।

'ईरान ने आगे कदम बढ़ाए हैं'

जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि चीजें गलत हुई हैं, बल्कि चीजें सही दिशा में हुई हैं, हमने अच्छी प्रगति की।” उनके अनुसार ईरानी टीम ने अमेरिका की तरफ कुछ कदम बढ़ाए लेकिन ये पर्याप्त नहीं थे। इससे कुछ अच्छे संकेत मिले, पर पूरी सफलता नहीं मिली। वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर भी शामिल थे। ईरानी पक्ष की ओर से संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची मौजूद थे। यह दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर हुई पहली बड़ी मुलाकात थी।

'ईरानी टीम समझौता करने में असमर्थ'

जेडी वेंस ने जोर देकर कहा कि अगर ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अमेरिका की तय की गई सीमाओं का पालन करे तो दोनों देशों के लिए बहुत अच्छा समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा, “गेंद अब ईरान के पाले में है।” अगर आगे बातचीत होती है या कोई समझौता होता है तो यह ईरान पर निर्भर करता है। वार्ता इसलिए खत्म हो गई क्योंकि ईरानी वार्ताकार किसी अंतिम फैसले पर नहीं पहुंच सके। उन्हें तेहरान लौटकर सर्वोच्च नेता या अन्य अधिकारियों से मंजूरी लेनी होगी। वेंस ने बताया कि इससे अमेरिका को यह समझने में मदद मिली कि ईरान में असली फैसला लेने का अधिकार किसके पास है। वहां मौजूद टीम खुद समझौता करने में असमर्थ थी।

'ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए'

उपराष्ट्रपति वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूरी तरह सहमति जताई। उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप से शत-प्रतिशत सहमत हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए।” अगर ईरान पहले से ही दुनिया के खिलाफ आर्थिक आतंकवाद फैला रहा है तो परमाणु बम होने पर उसकी ताकत और बढ़ जाएगी। इससे पूरी दुनिया को खतरा हो सकता है। वेंस ने माना कि बातचीत सकारात्मक रही इससे आगे की राह साफ हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपनी “रेड लाइन्स” यानी सीमाएं स्पष्ट रूप से बता दी हैं।

अमेरिका सक्रियता से कर रहा है बातचीत

वेंस ने कहा कि ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी लोगों के लिए पीड़ादायक है, लेकिन यह हमेशा नहीं रहेगी। अमेरिकी लोग परेशान हैं, इसलिए अमेरिका सक्रियता से बातचीत कर रहा है ताकि जल्द से जल्द ऊर्जा कीमतें कम की जा सकें। फिलहाल, स्थिति यह है कि आगे की बातचीत ईरान के फैसले पर टिकी हुई है।

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