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ईरान ने अमेरिका से बातचीत से किया इनकार, कहा- 'फिलहाल पूरा ध्यान देश की रक्षा पर'

 Written By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
 Published : Jul 16, 2026 07:15 am IST,  Updated : Jul 16, 2026 07:15 am IST

ईरान ने अमेरिका के साथ फिलहाल किसी भी वार्ता से इनकार करते हुए कहा कि उसकी प्राथमिकता देश की सुरक्षा और रक्षा है। तेहरान ने अमेरिका पर MoU उल्लंघन का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि किसी भी सैन्य हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई। Image Source : X/@IRIFMA_EN

Highlights

  • ईरान ने कहा, अभी अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत की कोई योजना नहीं है।
  • विदेश मंत्रालय बोला, अमेरिका ने समझौते की शर्तें तोड़ीं, इसलिए हम भी बाध्य नहीं हैं।
  • ईरान ने चेतावनी दी, हमला हुआ तो हमारी सेना पूरी ताकत से जवाब देगी।

तेहरान: ईरान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उसकी अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने बुधवार को कहा कि इस समय देश का पूरा ध्यान अपनी सुरक्षा और रक्षा पर है। उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, इस्माइल बगई ने कहा कि ईरान अब खुद को अमेरिका के साथ हुए उस MoU का पालन करने के लिए बाध्य नहीं मानता, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में जारी संघर्ष को खत्म करना था।

'हमारी बातचीत की कोई योजना नहीं'

बगई ने कहा कि जब तक अमेरिका 17 जून को हुए MoU के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करता रहेगा, तब तक ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटेगा। उन्होंने कहा,

'फिलहाल हमारी बातचीत की कोई योजना नहीं है। इस समय हमारा पूरा ध्यान देश की रक्षा पर है।'

यह बयान उन्होंने अमेरिका के उस दावे के जवाब में दिया, जिसमें कहा गया था कि उसके सैन्य अभियान ईरान को फिर से बातचीत के लिए मजबूर कर देंगे। ईरान ने यह भी कहा है कि होर्मुज पर वह कोई समझौता नहीं करेगा और जंग के जरिए अमेरिका इस रास्ते को नहीं खोल पाएगा।

'अमेरिका ने जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं'

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान का मानना है कि अमेरिका ने समझौते के शुरू से ही अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं, इसलिए ईरान ने भी अपने दायित्वों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है। बगई ने कहा,

'समझौता ज्ञापन दोनों पक्षों की आपसी प्रतिबद्धताओं पर आधारित होता है। यदि दूसरा पक्ष उसका उल्लंघन करता है, तो हम भी अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए बाध्य नहीं हैं। यह एक सिद्धांत है और आगे भी इसी रास्ते पर चलेंगे। दूसरे पक्ष ने MoU के पहले ही अनुच्छेद से बदनीयती दिखाई और अपने वादे तोड़े।'

'अमेरिका से मुकाबले के लिए तैयार'

बगई ने यह भी कहा कि अमेरिका के दबाव का मुकाबला करने के लिए ईरान के भीतर व्यापक जनसमर्थन है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान पर कोई सैन्य हमला किया गया तो उसकी सेना पूरी ताकत से जवाब देगी। बगई ने कहा,

'हमारी सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमलावर का पूरी ताकत से जवाब देंगी। अगर वे हमला करेंगे तो उन्हें भी जवाबी हमला झेलना पड़ेगा।'

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान के तटीय इलाकों में लगातार सैन्य हमले कर रहा है।

हमलों को अमेरिका ने जायज ठहराया

अमेरिका का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने में किया जा सकता है। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि 14 सूत्रीय एमओयू के अनुच्छेद-5 के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाले आवागमन के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी तेहरान को सौंपी गई है। हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे और समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाकर किए गए सैन्य अभियानों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। (ANI से इनपुट्स के साथ)

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