तेहरान: ईरान की सेना ने साफ तौर पर कह दिया है कि होर्मुज पर कोई समझौता नहीं होगा। अमेरिका युद्ध के जरिए रास्ता नहीं खोल पाएगा। मानमानी छोड़कर उसे बातचीत के जरिए एक नतीजे तक पहुंचना होगा। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने यह बात कही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का एकमात्र तरीका यह है कि अमेरिका ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करे और युद्ध समाप्त करने वाले ईरान-अमेरिका समझौते की शर्तों का पालन करे।
ईरानी जनता के अटूट समर्थन की सराहना
मंगलवार को तेहरान के दक्षिणी इलाके में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, अकरमिनिया ने इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की शहादत पर शोक व्यक्त किया और पिछले चार महीनों के दौरान सशस्त्र बलों के लिए ईरानी लोगों के अटूट समर्थन की सराहना की।
युद्ध-समाप्ति समझौते का उल्लंघन कर रहा अमेरिका
उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध-समाप्ति समझौते का उल्लंघन कर रहा है। अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेविगेशन के लिए ईरान की व्यवस्थाओं को स्वीकार करने के बावजूद वहां एक नया शिपिंग मार्ग स्थापित करने की कोशिश की है।
होर्मुज में आखिरी सांस तक अपने अधिकारों की करेंगे रक्षा
उन्होंने कहा, "होर्मुज को कभी भी युद्ध, आक्रामकता या अमेरिका की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों के माध्यम से फिर से नहीं खोला जाएगा।" "इसे फिर से खोलने का एकमात्र रास्ता ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करना और युद्ध समाप्त करने वाले समझौते के प्रावधानों का अमेरिका द्वारा पूरी तरह से पालन करना है।" अकरमिनिया ने फिर से कहा कि ईरानी सशस्त्र बल होर्मुज़ में देश के अधिकारों की रक्षा आखिरी सांस तक करते रहेंगे और ज़रा भी पीछे नहीं हटेंगे।
होर्मुज के मालिक हम-ट्रंप
बता दें कि ईरानी सेना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात लगातार खराब हो रहे हैं। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह ऐलान कर दिया है कि होर्मुज के मालिक हम हैं। उन्होंने इस रूट से गुजरने वाले जहाजों से 20 फीसदी टैक्स वसूलने की बात भी कही है। वहीं ईरान का कहना है कि होर्मुज पर उसका हक है और कोई इससे उसे वंचित नहीं कर सकता।
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