जीवन का सफर कभी भी एक सीधी लकीर नहीं होता। इसमें उतार-चढ़ाव, असफलताएं और चुनौतियां आनी तय हैं। ऐसे दौर में, जब हिम्मत टूटने लगती है और निराशा घेर लेती है, तब मोटिवेशन की जरूरत होती है। मोटिवेशन ईंधन की तरह काम करती है जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। ऐसे में अभिनेता पंकज त्रिपाठी की बातें और उनका जीवन दर्शन हमारे लिए एक बेहतरीन ईंधन की तरह काम कर सकता है। पंकज त्रिपाठी की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी और सहजता है। बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय सिनेमा के शिखर तक पहुंचने का उनका सफर खुद में एक मिसाल है। वह अक्सर कहते हैं कि धीरज और ठहराव जीवन के सबसे बड़े गुण हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हर कोई तुरंत सफलता चाहता है, पंकज त्रिपाठी की बातें हमें सिखाती हैं कि वक्त से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता। यहां पढ़ें उनके प्रेरक विचार।
जीवन में हर चीज किसी वजह से ही होती है। इसलिए जीवन में जो हो रहा है वो अच्छे के लिए हो रहा है।
सारी सफलता-असफलता, डर, परेशानी, डिप्रेशन, सब कुछ दिमाग का खेल है। इसलिए अपने दिमाग को ट्रेन करिए।
पंकज त्रिपाठी कहते हैं कि 'सारा खेल समय का होता है, अगर जीवन में कुछ सही न हो रहा हो, तो निराश मत होना। कुछ बड़े की तैयारी है।
पंकज त्रिपाठी का मानना है कि अगर सामने वाला आपको उकसाता रहे और आप न उकसो न, तब उसे ज्यादा तकलीफ होती है।
जीवन की पटकथा यानि स्क्रिप्ट बहुत ही अनापेक्षित है, इसे एंजॉय करो। ईमानदारी के साथ काम करते रहना। कोई भी कभी-भी कही भी अपने जीवन में पहुंच सकता है।
कई बार जल्दी सफलता मिल जाने पर लोगों को उसकी कदर नहीं होती। उनके हिसाब से जल्दी सफल होने की इच्छा ही परेशानी है।
पंकज त्रिपाठी हमेशा लोगों को धैर्य रखने की सलाह देते हैं।
सफलता का कोई शॉटर्कट नहीं होता, धैर्य रखना पड़ता है।
अगर इरादे साफ हो, तो मंजिल देर-सवेर मिलती जरूर है।
कुछ न जानने से शुरू करके बहुत जानने की यात्रा है।