तेहरान/तेल अवीव: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला कर दिया। अपने ऊपर हुई इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। वहीं, दूसरी तरफ इजरायल की सेना ने भी शनिवार को पुष्टि की कि ईरान से उनके देश की ओर भी मिसाइलें दागी गई हैं। IDF ने कहा कि ईरान की तरफ से आने वाले किसी भी खतरे को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम को तुरंत शुरू कर दिया गया है। होम फ्रंट कमांड ने प्रभावित इलाकों में नागरिकों को मोबाइल फोन अलर्ट के जरिए सावधानी के निर्देश दिए हैं, जिसमें उन्हें तुरंत शेल्टर में जाने को कहा गया है।
Related Stories
ईरान ने किन देशों में कहां-कहां बरसाए बम?
अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद ईरान ने भी करारा जवाबी हमला किया है, और कई देशों में सैन्य ठिकानों पर मिसाइल अटैक से जवाब दिया है। अब तक ईरान के मिसाइल हमलों के लक्ष्य इस प्रकार हैं:
- इजरायल: तेल अवीव, हाइफा और अन्य शहर
- बहरीन: जुफैर नौसेना बेस, यूएस 5वीं फ्लीट मुख्यालय
- कतर: अल उदीद एयर बेस
- कुवैत: कैम्प अरिफजान, अहमद अल-जाबेर एयर बेस, मुबारक एयर बेस
- संयुक्त अरब अमीरात: अल धफरा एयर बेस, जेबेल अली पोर्ट, अल फुजैरा एयर बेस
- सऊदी अरब: रियाद में प्रिंस सुल्तान एयर बेस, ताबुक एयर बेस, खमीस मुशैत बेस, जेद्दाह में एक पश्चिमी बेस
- जॉर्डन: मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस
- इराक: अरबिल में यूएस बेस
नेतन्याहू ने खुद रखा है इस ऑपरेशन का नाम
इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमला किया है, जिसका कोड नाम 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' रखा गया। इसमें सैन्य स्थल, मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटिज और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के कार्यालय के पास के इलाके निशाना बनाए गए। इस ऑपरेशन का नाम इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तय किया है, जबकि IDF की तरफ से आंतरिक नाम अलग था। हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान के कई इलाकों में धमाकों की तेज आवाज सुनी गई। ईरान पर हमला करने के तुरंत बाद इजरायल ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया।
भारतीयों के लिए दूतावास ने जारी की सलाह
बता दें कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल की तरफ से यह सीधा हमला हफ्तों से चल रही उच्च स्तर की परमाणु वार्ताओं और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बाद हुआ है। इस बीच तेहरान में भारतीय दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को 'अत्यधिक सावधानी बरतने', 'बिना जरूरत बाहर न निकलने' और 'घर के अंदर रहने' की सलाह दी है। जॉर्डन में पर्यटकों को 'देश तुरंत छोड़ने' की सलाह दी गई है, क्योंकि व्यावसायिक उड़ानों में रुकावट का बड़ा खतरा है। ईरान ने इजरायल और अमेरिका के सामने किसी भी हालत में झुकने से इनकार कर दिया है, ऐसे में माना जा रहा है कि लड़ाई लंबी खिंच सकती है।