Reza Pahlavi Statement on Israel Iran War: अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर शनिवार को बड़ा हमला किया है जिसके बाद पश्चिम एशिया एक बार फिर युद्ध की चपेट में आ गया है। दोनों देशों ने अपनी इस संयुक्त कार्रवाई को 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' नाम दिया है। उनका कहना है कि इस हमले का मकसद इस्लामी सरकार को हथियार बनाने से रोकना है और ईरानी लोगों से अपील करना है कि वे आगे आएं और सत्ता अपने हाथ में लें। ईरान में पिछले कुछ महीनों से तेज विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं जिनका एक बड़ा केंद्र बिंदु पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी हैं। मुल्क के पूर्व युवराज ने इस हमले को मानवीय मदद बताया है।
पहलवी ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों, हमारे सामने हमारी किस्मत खड़ी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बहादुर ईरानी लोगों से जो मदद का वादा किया था, वह अब आ गई है। यह एक मानवीय हस्तक्षेप है, और इसका निशाना इस्लामी गणराज्य, उसकी दमनकारी मशीनरी और उसकी हत्या की मशीन है, न कि ईरान देश और उसकी महान राष्ट्र। लेकिन, इस मदद के आने के बाद भी अंतिम जीत हमारे हाथों ही होगी। इस अंतिम लड़ाई में काम खत्म करने वाले हम ईरान के लोग ही होंगे। सड़कों पर लौटने का समय करीब है।'
फ्रांस में निर्वासित जीवन जी रहे पूर्व प्रिंस ने ईरान के सुरक्षा तंत्र से भी अपील की कि वे इस्लामी सरकार के खिलाफ उठ खड़े हों। उन्होंने कहा, 'अब जब इस्लामी गणराज्य ढह रहा है, तो मेरा संदेश देश की सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए साफ है। आपने ईरान और ईरानी लोगों की रक्षा की शपथ ली है, न कि इस्लामी गणराज्य और उसके नेताओं की। आपका कर्तव्य लोगों की रक्षा करना है, न कि उस सरकार की जो दमन और अत्याचार के सहारे हमारे मुल्क को बंधक बना चुकी है। लोगों के साथ जुड़ें और एक स्थिर और सुरक्षित बदलाव लाने में मदद करें। वरना, आप खामेनेई की डूबती नाव और उसकी सरकार के साथ डूब जाएंगे।'
पूर्व क्राउन प्रिंस ने ट्रंप के नाम भी संदेश दिया और ईरान के लोगों को अमेरिका का स्वाभाविक साथी बताया। पहलवी ने कहा, 'मेरा संदेश अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को यह है कि ईरान के नेक लोग, इस सरकार के क्रूर दमन और नरसंहार के बावजूद, लगभग दो महीनों से बहादुरी के साथ डटे रहे हैं। अब मैं आपसे अपील करता हूं कि नागरिकों और मेरे देशवासियों की जान बचाने के लिए सबसे ज्यादा सावधानी बरतें। ईरान के लोग आपके और स्वतंत्र दुनिया के स्वाभाविक साथी हैं, और वे समकालीन ईरानी इतिहास के सबसे मुश्किल दौर में आपके समर्थन को कभी नहीं भूलेंगे।'
पहलवी ने ईरानियों से सुरक्षित रहने की अपील करते हुए कहा कि वे सड़कों पर लौटने और कार्रवाई करने का समय जल्द बताएंगे। उन्होंने कहा, 'मैं आपसे अपील करता हूं कि अभी अपने घरों में रहें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। सतर्क और तैयार रहें ताकि सही समय पर, जिसकी मैं आपको सटीक जानकारी दूंगा, आप सड़कों पर इस्लामी गणराज्य के ताबूत में अंतिम कील ठोकने के लिए लौट सकें। सोशल मीडिया और सैटेलाइट मीडिया के जरिए मेरे संदेशों का पालन करें। अगर इंटरनेट और सैटेलाइट में रुकावट आए, तो मैं रेडियो वेव्स के जरिए आपसे संपर्क रखूंगा। हम जीत के बहुत करीब हैं। मैं जल्द से जल्द आपके साथ होना चाहता हूं ताकि हम मिलकर ईरान का पुनर्निर्माण करें।'
बता दें कि इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सेनाओं को चेतावनी दी कि वे हथियार डाल दें और आत्मसमर्पण कर दें तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा वरना 'निश्चित मौत' का सामना करना पड़ेगा। ईरान के लोगों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि 'आपकी आजादी का समय आ गया है' और ईरानी नागरिकों से अपील की कि वे सुरक्षित रहें क्योंकि 'बम हर जगह गिरेंगे'। उन्होंने इस कार्रवाई को लोगों के लिए अपनी सरकार पर कब्जा करने का ऐतिहासिक मौका बताया है।