दुबई: इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर एक बड़ा हमला किया है जिसके बाद तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। एपी की एक खबर के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात यानी कि UAE ने कहा है कि ईरान के मिसाइल हमले से गिरे टुकड़ों की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह ईरान के जवाबी हमलों में होने वाली पहली मौत बताई जा रही है। बता दें कि यूएई में लगभग 40 लाख भारतीय रहते हैं, जो यहां की कुल आबादी का बड़ा हिस्सा हैं। ये भारतीय मुख्य रूप से कामगार और व्यापारी हैं, और इस घटना से मुल्क में रह रहे भारतीय प्रवासियों में भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि यूएई की सरकार ने कहा है कि हालात नियंत्रण में है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आज देश पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया जिन्हें देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने बहुत कुशलता से रोका और कई मिसाइलों को मार गिराया। बयान में कहा गया कि हालांकि कुछ मिसाइल के टुकड़े एक आवासीय क्षेत्र में गिर गए, जिससे कुछ संपत्तियों को नुकसान हुआ और एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई। अधिकारियों ने पुष्टि की कि UAE में हालात नियंत्रण में हैं और सभी संबंधित एजेंसियां 24 घंटे घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मंत्रालय ने ईरान की तरफ से किए गए हमले की कड़ी निंदा की है और दोहराया कि UAE अपनी जमीन पर किसी भी तरह के हमले को कतई स्वीकार नहीं करता।
बता दें कि ईरान पर इजरायल और ईरान के हमले के बाद उपजी तनाव के चलते अबू धाबी का BAPS हिंदू मंदिर फिलहाल बंद रहेगा। मंदिर प्रबंधन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, 'मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति को देखते हुए और राष्ट्रीय सुरक्षा की सलाह के मुताबिक, अबू धाबी का BAPS हिंदू मंदिर आज के शेष समय के लिए सुरक्षा कारणों से बंद रहेगा। सभी की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम प्रार्थना करते हैं कि सभी के बीच समझ और शांति बनी रहे, और संबंधित अधिकारियों के मार्गदर्शन का पालन करते रहें। आगे की जानकारी उपयुक्त समय पर साझा की जाएगी।'
बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के कई ठिकानों पर बड़ा हमला किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो में ईरानी लोगों से अपील की कि वे अपनी सरकार को उखाड़ फेंकें। उन्होंने कहा, '47 साल से ईरानी सरकार 'अमेरिका मुर्दाबाद' का नारा लगाती आ रही है और लगातार तमाम निर्दोष लोगों की हत्या कर रही है जिनमें अमेरिकी और अन्य देशों के लोग शामिल हैं।' ट्रंप ने ईरानियों से हमलों के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने को कहा और बोले, 'जब हमारा काम खत्म हो जाए, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लो। यह तुम्हारी होगी।'
हमले की शुरुआत ईरान की राजधानी तेहरान में 86 साल के सुप्रीम लीडर अयातोल्ला अली खामेनेई के कंपाउंड से हुई। यह साफ नहीं है कि उस वक्त वे वहां थे या नहीं। ईरान की राजधानी तेहरान में कई जगहों से धुआं उठता नजर आया। ट्रंप ने वीडियो में कहा कि अमेरिका ने ईरान में 'बड़े युद्ध अभियान' शुरू कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखे हुए है और अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें बना रहा है। ट्रंप ने माना कि ईरान के हमलों से कुछ अमेरकियों की मौत हो सकती हैं, क्योंकि 'युद्ध में ऐसा अक्सर होता है।' उन्होंने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान के साथ अमेरिका की दुश्मनी की कई कहानियां गिनाईं।
वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह संयुक्त हमला ईरान से खुद की रक्षा के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, 'हमारा संयुक्त अभियान बहादुर ईरानी लोगों को अपना भाग्य खुद तय करने की स्थिति बनाएगा।' एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया इजरायली ऑपरेशन, जिसे 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' का नाम दिया गया है, में ईरान की सेना, सरकार के प्रतीक और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की और बहरीन, जॉर्डन, कतर, कुवैत और यूएई में अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए।
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