Baby Born on Chandra Grahan: 3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण को एक संवेदनशील खगोलीय घटना माना जाता है। इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। खासकर गर्भवती महिलाओं को लेकर कई तरह की परंपराएं प्रचलित हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी बच्चे का जन्म चंद्र ग्रहण के दिन हो जाए, तो उसका स्वभाव और भविष्य कैसा माना जाता है? तो चलिए जानते हैं चंद्र ग्रहण के दिन जन्मे बच्चों का जीवन कैसा होता है।
ग्रहण के दिन जन्मे बच्चों का स्वभाव
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन का स्वामी कहा गया है। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा की शक्ति कमजोर पड़ती है, जिसका असर भावनात्मक स्तर पर देखा जा सकता है। इसी कारण ग्रहण के दिन जन्मे बच्चे अक्सर भावुक और संवेदनशील माने जाते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान जन्मे बच्चे छोटी-छोटी बातों को दिल से लगा लेते हैं। हालांकि, इनकी अच्छी बात यह होती है कि ये दूसरों की भावनाओं को भी अच्छी तरह समझते हैं। ये ईमानदार और भरोसेमंद स्वभाव के होते हैं। हालांकि, उनका मूड जल्दी बदल सकता है और वे कभी-कभी आत्मविश्वास की कमी महसूस कर सकते हैं।
भाग्य और करियर को लेकर मान्यताएं
मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान जन्मे बच्चे मेहनती और प्रतिभाशाली होते हैं। वे अपने दम पर पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। खासकर रचनात्मक, रिसर्च या कला से जुड़े क्षेत्रों में उनकी रुचि अधिक देखी जाती है।
कहा जाता है कि ये बच्चे गहरी सोच रखने वाले होते हैं और जीवन में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहते हैं। हालांकि, इन्हें मानसिक संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
स्वास्थ्य से जुड़ी मान्यता और उपाय
हेल्थ से जुड़ी मान्यता: कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दिन जन्मे बच्चों का स्वास्थ्य थोड़ा संवेदनशील हो सकता है, विशेषकर मानसिक संतुलन के मामले में। हालांकि, यह पूरी तरह आस्था पर आधारित विचार हैं।
उपाय: पर चंद्र देव और भगवान शिव की पूजा करने, सोमवार को सफेद वस्तुओं का दान करने और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
चंद्र ग्रहण 2026 का समय
3 मार्च को चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। इसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है, जिससे इसका प्रभाव और भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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