टोक्यो: जापान ने बढ़ते क्षेत्रीय तनावों के बीच अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। जापान ने पहली बार देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित न्युताबारू वायुसेना अड्डे पर एफ-35बी स्टील्थ लड़ाकू विमानों की तैनाती की है। पहली खेप में तीन विमान गुरुवार को पहुंच गए। ये विमान रडार से बचने में सक्षम हैं और अमेरिका की रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा बनाए गए हैं।
अमेरिका से जापान ने लिया एफ-35 बी स्टील्थ विमान
जापानी एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स ने जानकारी दी कि हमने अमेरिका से कुल चार एफ-35बी विमान खरीदे हैं। पहली खेप में 3 विमान आ गए हैं, जबकि चौथा विमान बाद में पहुंचेगा। सभी विमान मियाजाकी प्रांत में स्थित न्युताबारू बेस पर तैनात किए जाएंगे। जापान के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि मार्च 2026 तक यहां चार और एफ-35बी विमान तैनात किए जाएंगे।
चीन को होगी चिंता
जापान के इस कदम से चीन को चिंता जरूर होगी। जापान विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों और दूरदराज के द्वीपों पर अपनी सैन्य उपस्थिति लगातार बढ़ा रहा है। इसका मुख्य कारण चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को एक क्षेत्रीय खतरे के रूप में देखा जाना है। इसी रणनीतिक दृष्टिकोण के तहत जापान मागेशिमा द्वीप पर एक नए वायुसेना अड्डे का निर्माण कर रहा है, जो न्युताबारू अड्डे से लगभग 160 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। इस द्वीप पर एफ-35बी विमानों के उड़ान अभ्यास के लिए रनवे तैयार किया जा रहा है।
कुल 42 स्टील्थ विमानों की तैनाती करेगा जापान
जापान की योजना है कि वह कुल 42 एफ-35बी (शॉर्ट टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग वाले) और 105 एफ-35ए (पारंपरिक टेकऑफ और लैंडिंग क्षमता वाले) फाइटर जेट्स की तैनाती करेगा। यदि यह योजना पूरी होती है, तो जापान अमेरिका के बाद एफ-35 विमानों का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता बन जाएगा।
इन उन्नत विमानों की तैनाती जापान की हवाई रक्षा क्षमता को अत्यधिक बढ़ावा देगी और संभावित खतरों के विरुद्ध सक्रिय प्रतिरोध सुनिश्चित करेगी। रणनीतिक स्थानों पर सेना की बढ़ती तैनाती यह संकेत देती है कि जापान अब अपनी रक्षा नीति को अधिक सक्रिय और आक्रामक रूप में ढाल रहा है। (एपी)