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तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने हिटलर से की 'नेतन्याहू' की तुलना, कहा-"दोनों ने चुनी विनाश की एक जैसी राह"

 Published : Jun 21, 2025 04:22 pm IST,  Updated : Jun 21, 2025 06:18 pm IST

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यप एर्दोगन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ईरान पर हमले के लिए निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर और नेतन्याहू एक जैसे हैं, क्योंकि दोनों ने ही विनाश का रास्ता चुना।

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन (बाएं) और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (दाएं)- India TV Hindi
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन (बाएं) और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (दाएं) Image Source : AP

अंकाराः तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यप एर्दोगन ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने नेतन्याहू की तुलना हिटलर से की है। एर्दोगन ने कहा कि नेतन्याहू और हिटलर दोनों ने विनाश के एक जैसे रास्ते को अपनाया। एर्दोगन का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब ईरान और इजरायल के बीच युद्ध भयानक स्तर तक जा पहुंचा है। 

नेतन्याहू को कहा पाखंडी

एर्दोगन ने नेतन्याहू की तुलना हिटलर से करते हुए उन्हें पाखंडी भी करार दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और जर्मनी के पूर्व तानाशाह रहे एडॉल्फ हिटलर एक जैसे हैं, क्योंकि दोनों नेताओं ने विनाश का एक जैसा रास्ता चुना है। उन्होंने इज़रायल पर तीखा हमला बोलते हुए उसे "पाखंडी" करार दिया और आरोप लगाया कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय नियम का पालन किए बिना अपने परमाणु कार्यक्रम को लगातार समृद्ध कर रहा है।

ईरान को अपनी रक्षा का अधिकार

एर्दोगन ने कहा कि ईरान अपनी जनता की रक्षा कर रहा है और यह उसका वैध अधिकार है। उन्होंने कहा कि ग़ाज़ा में करीब 20 लाख लोग ऐसे हालात में रह रहे हैं जो "नाज़ी यातना शिविरों से भी बदतर" हैं। तुर्की के राष्ट्रपति ने इज़रायल की "विनाश, कब्ज़ा और हिंसा की नीतियों" की कड़ी आलोचना की और कहा कि हर गुजरते दिन के साथ "सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की हत्या" की जा रही है। 

क्षेत्रीय शांति के लिए नेतन्याहू सबसे बड़ी बाधा

एर्दोगन ने यह भी आरोप लगाया कि नेतन्याहू "क्षेत्रीय शांति की सबसे बड़ी बाधा" हैं। उन्होंने कहा कि इसे इजरायल की सरकार ने खुद सिद्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि 13 जून से ईरान "इज़रायल के राज्य प्रायोजित आतंकवाद" का सामना कर रहा है।

अपनी परमाणु कार्याक्रम को समृद्ध कर रहा इजरायल

एर्दोगन ने ईरान पर इज़रायल के हमले की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह बिना किसी अंतरराष्ट्रीय नियम या निगरानी के अपने परमाणु कार्यक्रम को लगातार समृद्ध कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ ईरान पर हमले कर रहा है और उसके शांति पूर्ण परमाणु ऊर्जा के प्रयासों को नष्ट कर रहा है। 

इस्लामी दुनिया को आत्मनिर्भर ध्रुव बनने की आवश्यकता-एर्दोगन

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा, "दो अरब की आबादी वाले इस्लामी देशों को अब आवश्यक रूप से एक स्वतंत्र और सशक्त ध्रुव बनना चाहिए। हम एक ऐसे दौर की दहलीज पर हैं, जहां इस्लामी दुनिया पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएगी।" उन्होंने इज़रायल के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "ग़ाज़ा, लेबनान, यमन, सीरिया और हाल ही में ईरान पर इज़रायल द्वारा किए गए हमले लूटपाट और डकैती का जीवंत उदाहरण हैं।"

नेतन्याहू ने गाजा के भाइयों को दी कड़ी यातना

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा,"जिस तरह 90 साल पहले हिटलर ने एक चिंगारी जलाकर पूरी दुनिया को युद्ध में झोंक दिया था, उसी तरह नेतन्याहू की ज़ायोनिस्ट महत्वाकांक्षाओं का उद्देश्य भी हमारे क्षेत्र और पूरे विश्व को एक बड़े संकट की ओर ले जाना है।" "ग़ाज़ा में रहने वाले हमारे 20 लाख भाइयों ने पिछले 21 महीनों से ऐसे हालात में जीने की जद्दोजहद की है, जो नाज़ी यातना शिविरों से भी बदतर हैं।""तुर्की के रूप में हम अपने फिलिस्तीनी भाइयों के दुख-दर्द और पीड़ा को अच्छी तरह समझते हैं। मैं उन्हें भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि इंसाफ ज़रूर होगा और जीत आस्थावानों की ही होगी।"

इज़राइली हमला परमाणु वार्ता को पटरी से उतारने की साजिश

एर्दोगन ने शनिवार को कहा कि ईरान के खिलाफ इज़रायल द्वारा किए गए हालिया हमले अमेरिका और ईरान के बीच शुरू होने वाली नई परमाणु वार्ता को विफल करने की साज़िश है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि इज़रायल किसी भी विवाद का समाधान कूटनीति से नहीं चाहता। इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्रियों की इस्तांबुल बैठक में बोलते हुए एर्दोगन ने उन देशों से अपील की जो इज़रायल पर प्रभाव रखते हैं कि वे उसके "ज़हरीले प्रचार" पर ध्यान न दें और संघर्ष का समाधान संवाद और शांति के रास्ते से निकालें। 

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