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मुस्लिम औरतें इंग्लिश सीखें या ब्रिटेन छोड़ें: कैमरन

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jan 19, 2016 08:28 am IST,  Updated : Jan 19, 2016 08:28 am IST

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने सोमवार को कहा कि ब्रिटेन में रह रहीं विदेशी मुस्लिम महिलाएं अगर अच्छी अंग्रेजी सीखने में नाकाम रहती हैं, तो उन्हें देश छोड़कर जाना पड़ सकता है।

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लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने सोमवार को कहा कि ब्रिटेन में रह रहीं विदेशी मुस्लिम महिलाएं अगर अच्छी अंग्रेजी सीखने में नाकाम रहती हैं, तो उन्हें देश छोड़कर जाना पड़ सकता है। कैमरन के अनुसार कमजोर अंग्रेजी के कारण लोगों के आईएस के संदेशों से प्रभावित होने की संभावना रहती है। कैमरन ने कहा कि यह नियम उन माताओं पर भी लागू हो सकता है जो यहां आकर बसीं हैं और अब उनकी संतानें हो चुकी हैं। कैमरन ने कहा कि ढाई साल बाद ऐसे लोगों को एक टेस्ट से गुजरना होगा जो उनकी अंग्रेजी की परख करेगा कि उनमें कितना सुधार हुआ है।

करीब दो लाख मुस्लिम महिलाएं इस समय इंग्लैंड में रह रही हैं उनमें करीब 40 हजार महिलाओ को या तो अंग्रेजी का ज्ञान कम है या बिल्कुल अंग्रेजी नहीं आती है। ब्रिटेन में 2.7 मिलियन आबादी मुस्लिम समुदाय की है। अभी तक विदेश से जाकर ब्रिटेन में बसे लोगों की संतानों को ब्रिटेन की नागरिकता मिल जाती है। उसे वहां रहने की इजाजत होती है, लेकिन अपने पिता के साथ। माताओं पर यह नियम लागू नहीं होता। कैमरन के इस बयान की मुस्लिम महिलाओं के द्वारा निंदा की जा रही है।

अंग्रेजी सिखाने पर 3 करोड़ डॉलर खर्च करेगा ब्रिटेन

कैमरन ने मुस्लिम महिलाओं को अंग्रेजी सिखाने पर 3 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च करने की सोमवार को घोषणा की। कैमरन ने कहा कि जो मुस्लिम महिलाएं स्थायी रूप से ब्रिटेन में बसना चाहती है, उन्हें ब्रिटिश पासपोर्ट की अर्हता प्राप्त करने के लिए अंग्रेजी में धाराप्रवाह हो जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन में अलग-अलग समुदायों की 'निष्क्रिय सहिष्णुता' एक मजबूत समाज के निर्माण में मदद करेगी। कैमरन ने कहा कि लैंगिक अलगाव व भेदभाव और समाज से कुछ महिलाओं के कटे रहने से कट्टरता और उग्रवाद में बढ़ोतरी होगी।

उन्होंने आगे कहा, "हमारा अगला लक्ष्य महिलाओं का सशक्तीकरण करना और उनके अंग्रेजी भाषा के ज्ञान को बढ़ाना है। मैं समझता हूं कि हम ब्रिटेन के समाज को एकजुट रखते हुए एक मजबूत समाज का निर्माण कर सकते है जो कि वह है।" मुस्लिम महिलाओं के लिए प्रस्तावित अंग्रेजी की कक्षाएं उनके घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएंगी। ब्रिटेन के नए वीजा नियमों के मुताबिक जीवनसाथी वीजा पर ब्रिटेन आने वाली महिलाओं को अंग्रेजी में धाराप्रवाह होना ही होगा। जो महिलाएं ढाई साल बाद अपने वीजा की अवधि बढ़वाना चाहेंगी उन्हें अंग्रेजी भाषा के ज्ञान की परीक्षा से गुजरना होगा।

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