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उत्तर कोरिया के निशाने पर है अमेरिका, बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर सकते हैं किम जोंग

 Published : Nov 18, 2022 10:05 am IST,  Updated : Nov 18, 2022 10:05 am IST

America on the Target of North Korea, missile Test:दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका उत्तर कोरिया के निशाने पर है। खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों से उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग अमेरिका पर कभी भी हमला कर सकते हैं। यह खुफिया जानकारी जापान और दक्षिण कोरिया ने अमेरिका को दी है। इससे जो बाइडन के खेमे में हलचल मच गई है।

किम जोंग उन (उत्तर कोरिया के तानाशाह)- India TV Hindi
किम जोंग उन (उत्तर कोरिया के तानाशाह) Image Source : AP

America on the Target of North Korea, missile Test:दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका उत्तर कोरिया के निशाने पर है। खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलों से उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग अमेरिका पर कभी भी हमला कर सकते हैं। यह खुफिया जानकारी जापान और दक्षिण कोरिया ने अमेरिका को दी है। इससे जो बाइडन के खेमे में हलचल मच गई है। किम जोंग के इरादे भी वैसे इसी ओर संकेत दे रहे हैं। तभी तो अमेरिका के तमाम प्रतिबंधों के बावजूद किम जोंग परमाणु बम और मिसाइलों के परीक्षण से बाज नहीं आ रहे।

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार उत्तर कोरिया ने अमेरिका को निशाना बनाने के लिए निर्मित लंबी दूरी तक मार करने वाली एक संदिग्ध मिसाइल शुक्रवार को दागी है। दक्षिण कोरिया और जापान ने यह जानकारी दी। दक्षिण कोरिया और जापान के साथ अपने गठजोड़ को मजबूत करने के अमेरिका के प्रयासों के विरोध में उत्तर कोरिया के अपनी परीक्षण गतिविधियों को फिर शुरू करने के बाद यह प्रक्षेपण किया गया। दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ’ ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर शुक्रवार सुबह एक बैलिस्टिक मिसाइल के प्रक्षेपण करने के बारे में पता चला है। इसके एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) होने की आशंका है।

जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी किया बाइडन को सतर्क

जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी एक बयान में कहा है कि उत्तर कोरिया ने अपने पश्चिमी तटीय क्षेत्र से आईसीबीएम श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जो पूर्वी समुद्र क्षेत्री की ओर गई। मिसाइल सुबह 10 बजकर 14 मिनट पर दागी गई, वह अब भी हवा में है और और जापानी विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर गिर सकती है। अगर इसकी पुष्टि हो जाती है तो करीब दो सप्ताह के भीतर उत्तर कोरिया का यह पहला आईसीबीएम प्रक्षेपण होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि तीन नवंबर को उत्तर कोरिया द्वारा प्रक्षेपित एक आईसीबीएम उम्मीद के मुताबिक उड़ान नहीं भर पाई। ऐसा माना जा रहा है कि तीन नवंबर के परीक्षण में एक नए प्रकार की आईसीबीएम शामिल थी।

अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम है मिसाइल
उत्तर कोरिया के पास दो अन्य प्रकार के आईसीबीएम ‘ह्वासोंग-14’ और ‘ह्वासॉन्ग-15’ हैं। 2017 में उनके परीक्षण से स्पष्ट हो गया था कि वे अमेरिका की सरजमीं तक वह पहुंचने में सक्षम हैं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने उत्तर कोरियाई के प्रक्षेपण पर चर्चा करने के लिए एक आपात सुरक्षा बैठक बुलाई है। जापान के रक्षा मंत्री यासुकाज़ु हमदा ने कहा, ‘‘ उत्तर कोरिया इस साल लगातार मिसाइल दाग रहा है और इससे कोरियाई प्रायद्वीप में लगातार तनाव बढ़ रहा है।’’ इससे पहले, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री चो सोन ह्यू ने अमेरिका द्वारा क्षेत्र में अपने सहयोगियों-दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा को लेकर दृढ़ प्रतिबद्धता जताने के जवाब में ‘‘कड़ी’’ सैन्य कार्रवाई शुरू करने की बृहस्पतिवार को धमकी दी थी।

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