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लड़ाई में फिर ताकतवर हुआ यूक्रेन, रूस के तेल शोधन संयंत्र और ईंधन डिपो को ड्रोन हमले से उड़ाया

 Published : Jun 06, 2024 06:59 pm IST,  Updated : Jun 06, 2024 06:59 pm IST

रूस से जंग लड़ रहे यूक्रेन को पश्चिमी हथियारों से एक बार फिर ताकत मिली है। यूक्रेन ने पश्चिमी मदद मिलने के लंबे समय बाद अब रूस के तेल डिपो पर बड़ा ड्रोन हमला किया है। यूक्रेनी हमले के बाद रूसी डिपो में आग लग गई और मौके से तेज काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है।

रूस के तेल संयंत्र पर यूक्रेन ने किया ड्रोन हमला। - India TV Hindi
रूस के तेल संयंत्र पर यूक्रेन ने किया ड्रोन हमला। Image Source : REUTERS

कीवः रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध को 2 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। अभी तक हथियारों की कमी के चलते यूक्रेन रूस से युद्ध में पिछड़ने लगा था। मगर पश्चिमी हथियारों की खेप मिलने के बाद यूक्रेन एक बार फिर युद्ध में मजबूत वापसी की है। यूक्रेन ने रूस के तेल शोध संयंत्र और ईंधन डिपो को बड़े ड्रोन हमले में उड़ा दिया है। कीव ने क्रेमलिन के युद्ध करने के तरीके को बाधित करने के चल रहे प्रयास और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के सबसे बड़े युद्ध में पश्चिमी देशों के समर्थन की मांग के बीच यूक्रेनी ड्रोन ने रूसी सीमा क्षेत्रों में एक तेल शोधन संयंत्र और एक ईंधन डिपो पर हमला किया।

निशाना बनाए गए क्षेत्रों के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। जेलेंस्की बृहस्पतिवार को फ्रांस में डी-डे स्मरणोत्सव में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन सहित विश्व नेताओं के साथ शामिल होने वाले हैं। शुक्रवार को उन्हें फ्रांसीसी अधिकारियों से मिलना है। जेलेंस्की की यात्रा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की चेतावनी के एक दिन बाद हुई है जिसमें उन्होंने कहा था कि रूस अन्य देशों को लंबी दूरी के हथियार मुहैया करा सकता है ताकि वे पश्चिमी लक्ष्यों पर हमला कर सकें। यह धमकी तब आई जब उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन ‘नाटो’ के सहयोगियों ने कहा कि वे यूक्रेन को रूसी क्षेत्र पर हमला करने के लिए कीव को दिए जाने वाले हथियारों का इस्तेमाल करने की अनुमति देंगे।

यूक्रेन सीमा पर रूस से कर रहा संघर्ष 

यूक्रेन की सेना पूर्वी क्षेत्रों में हाल ही में रूस के हमले को रोकने के लिए लड़ रही है। रूस दो साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध के बाद लगभग 1,000 किलोमीटर की सीमा रेखा पर गोला-बारूद और सैनिकों की कमी का फायदा उठाना चाहता है। रूस की सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि बुधवार को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में की गई पुतिन की टिप्पणी "हमारी विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव" है। मेदवेदेव ने अपने मैसेजिंग ऐप चैनल पर लिखा, "अमेरिका और उसके सहयोगियों को दूसरों द्वारा रूसी हथियारों के सीधे इस्तेमाल के प्रभाव को महसूस करने दें।" मेदवेदेव ने कहा कि पुतिन ने जानबूझकर रूसी हथियारों के संभावित प्राप्तकर्ता देशों का नाम नहीं बताया।

हमले के बाद डिपो में लगी आग

उन्होंने कहा कि वे (हथियार) अमेरिका और उसके सहयोगियों को अपना दुश्मन मानने वाले किसी को भी दिए जा सकते हैं। रोस्तोव के गवर्नर वसीली गोलुबेव ने कहा कि रूस के रोस्तोव क्षेत्र में नोवोशाख्तिंस्क तेल शोधन संयंत्र पर रात में ड्रोन से हमला हुआ जिससे आग लग गई। उन्होंने कहा कि दूसरे हमले के कारण अग्निशमन कर्मियों को कुछ समय के लिए बाहर निकलना पड़ा। इसमें हुए नुकसान का अभी ठीक पता नहीं चला है। गोलुबेव ने कहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। एक अन्य सीमावर्ती क्षेत्र (बेलगोरोद) में एक ड्रोन ने रात में एक तेल डिपो पर हमला किया। गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लैदकोव ने कहा कि इस हमले से एक तेल भंडार में विस्फोट हुआ और आग लग गई। उन्होंने कहा कि आग को जल्दी बुझा दिया गया और कोई हताहत नहीं हुआ। रिपोर्ट की पुष्टि करना तुरंत संभव नहीं था।  (एपी) 

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