कीव:रूस ने एक बार फिर यूक्रेनी ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इससे बृहस्पतिवार को पूरे यूक्रेन में बिजली गुल हो गई है। अधिकारियों के अनुसार यूक्रेन की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने से पूरा देश अंधेरे में डूब गया है। यूक्रेन पर गत 3 साल में रूस द्वारा किए गए बड़े हमलों में से यह एक है।
एनर्जी सेक्टर पर हमले से भड़का यूक्रेन
रूसी सेना के इस हमले के बाद यूक्रेन बुरी तरह भड़क गया है। यूक्रेनी प्रधानमंत्री ने रूस की इस रणनीति को "व्यवस्थित ऊर्जा आतंक" करार दिया। इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हुए। कड़ाके की सर्दी की शुरुआत के साथ ही रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे पूरे देश में हाहाकार मच गया है।
650 से अधिक ड्रोन से हमला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने इस हमले में 650 से अधिक ड्रोन और 50 से ज्यादा विभिन्न प्रकार की मिसाइलें दागीं। यूक्रेनी शहर पानी, सीवेज और हीटिंग सिस्टम चलाने के लिए केंद्रीकृत सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर निर्भर हैं और बिजली आपूर्ति में व्यवधान के कारण ये सेवाएं ठप हो जाती हैं। प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने कहा, "रूस अपना व्यवस्थित ऊर्जा आतंक जारी रखे हुए है और सर्दियां शुरू होते ही यूक्रेनवासियों के जीवन और गरिमा पर प्रहार कर रहा है।
उसका लक्ष्य यूक्रेन को अंधकार में डुबोना है; हमारा लक्ष्य प्रकाश बरकरार रखना है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "इस आतंक को रोकने के लिए यूक्रेन को और अधिक वायु रक्षा प्रणालियों, मॉस्को के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों तथा रूस पर अधिकतम दबाव बनाने की आवश्यकता है।", 30 अक्टूबर (भाषा)