1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. तुर्किये का बड़ा बयान, कहा- यूक्रेन NATO की सदस्यता का हकदार है, इसमें कोई शक ही नहीं

तुर्किये का बड़ा बयान, कहा- यूक्रेन NATO की सदस्यता का हकदार है, इसमें कोई शक ही नहीं

 Published : Jul 08, 2023 12:37 pm IST,  Updated : Jul 08, 2023 12:37 pm IST

तुर्की एक तरफ जहां स्वीडन को NATO में शामिल करने में आनाकानी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन का खुलकर समर्थन किया है।

Turkey, Turkey NATO, Turkey NATO Ukraine, Ukraine Turkey NATO- India TV Hindi
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन। Image Source : AP

इस्तांबुल: तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोआन ने यूक्रेन के NATO में शामिल होने का शनिवार को समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि युद्धग्रस्त देश इस गठबंधन का हिस्सा बनने का हकदार है। एर्दोआन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बयान दिया। जेलेंस्की यूक्रेन को इस सैन्य गठबंधन का हिस्सा बनाने के लिए समर्थन जुटाने के लिए यूरोपीय देशों की यात्रा कर रहे हैं। NATO नेता अगले हफ्ते लिथुआनिया के वीनियस में बैठक करेंगे, जिसमें उनके यूक्रेन को इस गठबंधन में शामिल करने के प्रति समर्थन जताने की संभावना है।

स्वीडन को NATO में शामिल करने के खिलाफ है तुर्किये

एर्दोआन ने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि यूक्रेन नाटो की सदस्यता का हकदार है।’ बता दें कि तुर्किये ने यूक्रेन की नाटो सदस्यता के लिए समर्थन ऐसे समय में जताया है, जब वह स्वीडन को इस सैन्य गठबंधन में शामिल करने की अंतिम मंजूरी देने से कतरा रहा है। उसका कहना है कि स्वीडन कुर्दिश आतंकवादियों और अन्य समूहों के खिलाफ प्रभावी रूप से कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिन्हें अंकारा अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। स्वीडन और फिनलैंड ने पिछले साल यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद दशकों पुरानी अपनी तटस्थता की नीति छोड़कर नाटो में शामिल होने के लिए अप्लाई किया है।

‘रूस ऐसे बर्ताव करता है मानो पूरा काला सागर उसका है’
तुर्किये की संसद ने फिनलैंड की सदस्यता को मंजूरी दे दी है। एर्दोआन ने यह भी कहा कि वह तुर्किये और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले अनाज सौदे की अवधि बढ़ाने पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत काला सागर के जरिये यूक्रेन से 3 करोड़ टन से अधिक अनाज का निर्यात किया जा रहा है। इस सौदे की अवधि 17 जुलाई को समाप्त हो रही है। रूस ने अपने अनाज और उर्वरकों के निर्यात में बाधाओं का हवाला देते हुए इस सौदे की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया है। जेलेंस्की ने रूस पर जहाजों की आवाजाही बाधित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘रूस इस तरह से बर्ताव करता है कि मानो पूरा काला सागर उसका है और वह उसका मालिक है।’

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश