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Pfizer की Coronavirus Vaccine पर अमेरिकी FDA का बड़ा बयान, बताया 'बहुत असरदार'

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 08, 2020 08:50 pm IST,  Updated : Dec 08, 2020 11:12 pm IST

इसके लिए भारत में भी आवेदन दिया गया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैक्सीन को स्टोर करने के लिए जिस इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है, भारत के पास उसकी कमी है। ऐसे में हो सकता है कि वैक्सीन को इजाजत न मिले।

FDA Analysis Of Pfizer COVID-19 Vaccine Finds It Effective And Safe- India TV Hindi
ब्रिटेन में फाइजर की वैक्सीन देने का काम शुरू कर दिया गया है। Image Source : AP

वाशिंगटन: अमेरिकी नियामकों द्वारा मंगलवार को जारी दस्तावेजों में इस बात की पुष्टि की गयी कि फाइजर और बायोएनटेक का कोविड-19 वैक्सीन कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ बहुत सुरक्षित है। यह वैक्सीन को लेकर पहला विस्तृत विश्लेषण है। फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने ऑनलाइन अपना विश्लेषण जारी किया। ब्रिटेन ने मंगलवार को अपने बुजुर्ग नागरिकों को फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन लगाना शुरू किया है लेकिन अमेरिकी विशेषज्ञ अलग तरह से वैक्सीन का परीक्षण करते हैं। 

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एफडीए बृहस्पतिवार को एक विज्ञान अदालत बुलाएगी जिसमें इस बारे में बहस होगी कि वैक्सीन की खुराक के समर्थन में आंकड़े वास्तव में कितने प्रभावशाली हैं। स्वतंत्र वैज्ञानिकों का एक दल एफडीए के पहले विश्लेषण का अध्ययन करेगा और इस बात की सिफारिश करेगा कि क्या वैक्सीन लाखों अमेरिकियों के लिए सुरक्षित और प्रभावी है या नहीं। एफडीए समीक्षा के बाद कुछ दिनों में फैसला सुना सकता है। 

अगर वैक्सीन को एफडीए की हरी झंडी मिल जाती है तो सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों और नर्सिंग होम में भर्ती लोगों को वैक्सीन लगाया जाएगा। फाइजर और उसकी जर्मन साझेदार बायोएनटेक ने पहले कहा था कि एक अध्ययन में वैक्सीन हल्के से गंभीर संक्रमण को रोकने में 95 प्रतिशत प्रभावी रहा। चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल ऑफ फिलाडेल्फिया में कार्यरत और एफडीए के एक सलाहकार डॉ पॉल ओफिट ने हाल ही में कहा था, ‘‘हम यथासंभव सर्वश्रेष्ठ डेटा की उम्मीद कर रहे हैं।’’

एफडीए के स्टाफ का कहना है कि दो खुराकों में दी जाने वाली वैक्सीन दूसरी खुराक के 7 दिन बाद कोविड-19 के केस रोकने में काफी असरदार साबित हुई है। हालांकि, यह भी बताया गया है कि अभी 16 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी सिस्टम वाले लोगों में इसकी सुरक्षा को लेकर फैसला करने के लिए डेटा पर्याप्त नहीं है।

बता दें कि ब्रिटेन में फाइजर की वैक्सीन देने का काम शुरू कर दिया गया है। 90 साल की मार्ग्रेट कीनन इसे पाने वाली पहली शख्स बनी हैं। देश में सबसे पहले बुजुर्गों, हेल्थ केयर वर्कर्स और वायरस के खतरे का सामना कर रहे दूसरे लोगों को पहले चरण में वैक्सीन दी जाएगी। इसके लिए भारत में भी आवेदन दिया गया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैक्सीन को स्टोर करने के लिए जिस इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है, भारत के पास उसकी कमी है। ऐसे में हो सकता है कि वैक्सीन को इजाजत न मिले।

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