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सुपर ट्यूसडे: बिडेन की सात राज्यों में, सेंडर्स की तीन राज्यों में जीत

 Reported By: Bhasha
 Published : Mar 04, 2020 11:02 am IST,  Updated : Mar 04, 2020 11:02 am IST

'सुपर ट्यूसडे' की प्राइमरीज में अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में आगे बढ़ते हुए जो बिडेन ने मुख्य दक्षिणी राज्यों में जीत हासिल की।

सुपर ट्यूसडे: बिडेन की सात राज्यों में, सेंडर्स की तीन राज्यों में जीत- India TV Hindi
सुपर ट्यूसडे: बिडेन की सात राज्यों में, सेंडर्स की तीन राज्यों में जीत

ह्यूस्टन: 'सुपर ट्यूसडे' की प्राइमरीज में अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में आगे बढ़ते हुए जो बिडेन ने मुख्य दक्षिणी राज्यों में जीत हासिल की। सात राज्यों में जीत दर्ज करने से हाल के दिनों में उनकी उम्मीदवारी के अभियान को गति मिली है। वहीं, बिडेन से मुकाबला कर रहे बर्नी सेंडर्स को अपने गृह राज्यों वरमोंट, कोलोराडो और उताह में जीत मिली। बिडेन ने अलाबामा, ओकलाहोमा, टेनेसी, उत्तरी कैलोरीना, आर्कासांस, मिनीसोटा और वर्जिनिया में जीत दर्ज की। 

हालांकि, मिनीसोटा में सेंडर्स को मजबूत दावेदार माना जा रहा था। देश के 14 राज्यों में शुरू हुए मतदान के बीच महत्वपूर्ण राज्यों टेक्सास और कैलिफोर्निया में मतदान जारी रहा। पिछले सप्ताहांत में दक्षिण कैरोलीना प्राइमरी में जीत दर्ज करने वाले पूर्व उप राष्ट्रपति ​बिडेन ने अफ्रीकी अमेरिकी बहुल राज्यों में भी जीत हासिल की थी। 

वर्जिनिया में बिडेन की जीत काफी अहम है क्योंकि वरमॉन्ट सीनेटर बर्नी सैंडर्स और न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर माइक ब्लूमबर्ग से उन्हें पिछले हफ्ते कड़ी टक्कर मिली थी। अपने जोरदार भाषण में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए सेंडर्स ने उन्हें 'देश के इतिहास में सबसे खतरनाक राष्ट्रपति' करार दिया। 

वहीं, बिडेन पर भी सेंडर्स ने उन्हें इराक पर हमले के पक्ष में जाने पर निशाना साधा। वहीं, अपने प्रचार पर भारी भरकम रकम खर्च करने के बावजूद अरबपति कारोबारी ब्लूमबर्ग को अमेरिका के छोटे से हिस्से समोआ के अलावा कहीं भी समर्थन हासिल नहीं हुआ। 

शुरुआती अभियान में पिछड़ रहे बिडेन को पिछले शनिवार दक्षिणी कैरोलीना में जीत दर्ज करने के बाद मजबूती मिली। बिडेन तीसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में हैं। इससे पहले वर्ष 1998 और 2008 में भी उन्हें निराशा हाथ लगी थी।

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