1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. कनाडा को भी पसंद आया अमेरिका का 'गोल्डन डोम', पीएम कार्नी मिसाइल रक्षा प्रणाली में करेंगे शामिल

कनाडा को भी पसंद आया अमेरिका का 'गोल्डन डोम', पीएम कार्नी मिसाइल रक्षा प्रणाली में करेंगे शामिल

 Published : May 22, 2025 04:08 pm IST,  Updated : May 22, 2025 04:08 pm IST

अमेरिका का प्रस्तावित गोल्डन डोम अभी से कनाडा को पसंद आ गया है। कनाडा के पीएम कार्नी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करके इसे अपने देश की मिसाइल रक्षा प्रणाली में शामिल करने की इच्छा जाहिर की है।

अमेरिका का गोल्डेन डोम।- India TV Hindi
अमेरिका का गोल्डेन डोम। Image Source : AP

टोरंटो: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को भी अमेरिका का गोल्डन डोम पसंद आ गया है। कार्नी ने बुधवार को पुष्टि की कि उनकी सरकार अमेरिका के प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत कर रही है। यह बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली भविष्य में अमेरिका की मिसाइल रक्षा क्षमताओं को अंतरिक्ष तक विस्तारित करेगी। कनाडा भी इसे अपने मिसाइल रक्षा प्रणाली में शामिल करना चाहता है।

बता दें कि यह कार्यक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में विकसित किया गया है और इसकी अनुमानित लागत 175 अरब अमेरिकी डॉलर बताई गई है। ट्रंप का कहना है कि उनका लक्ष्य है कि यह प्रणाली 2029 तक पूर्ण रूप से लागू हो जाए, जो उनके संभावित दूसरे कार्यकाल का अंतिम वर्ष होगा।

कनाडा की प्राथमिकता: नागरिकों की सुरक्षा

प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा, “क्या यह कनाडा के लिए एक अच्छा विचार है? हां, अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाना जरूरी है।” उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर ट्रंप से सीधी बातचीत हुई है और फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर विचार-विमर्श जारी है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कनाडा सरकार ने उनकी टीम से संपर्क किया है और संकेत दिया है कि वे इस रणनीतिक परियोजना में शामिल होना चाहती है। ट्रंप ने भरोसा जताया कि अमेरिका और कनाडा मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ओटावा इस प्रणाली में उपयुक्त योगदान दे सके।

‘गोल्डन डोम’ की कार्यप्रणाली

‘गोल्डन डोम’ प्रणाली का उद्देश्य संभावित मिसाइल हमलों को चार चरणों में रोकना है।

  • 1. प्रक्षेपण से पहले लक्ष्य का पता लगाना और उसे नष्ट करना। 
  • 2. उड़ान की शुरुआती अवस्था में मिसाइल को रोकना।
  • 3. मध्य-उड़ान चरण में हवा में ही मिसाइल को नष्ट करना।
  • 4. अंतिम चरण में जब मिसाइल लक्ष्य तक पहुंचने वाली हो, उस समय उसे रोकना।

इस प्रणाली में जमीन और अंतरिक्ष आधारित दोनों प्रकार की क्षमताओं का उपयोग किया जाएगा। कार्नी ने इस पर भी बल दिया कि कनाडा को निकट भविष्य में संभावित मिसाइल खतरों का सामना करना पड़ सकता है और इस प्रकार की प्रणाली में शामिल होना राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से विवेकपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा, “हम गंभीरता से इस पर विचार कर रहे हैं, और इसे उच्च स्तर पर चर्चा के लिए उठाया गया है।”  (एपी) 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश