बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को मिल रहा है 7.8 लाख करोड़ रुपये, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में काफी बढ़ा हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा मंत्रालय का बजट था 6,81,210.27 करोड़ रुपये, जो 2024-25 की तुलना में 9.5% ज्यादा था।
Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र का बजट बढ़ाया है। आइए जानते हैं कि डिफेंस सेक्टर को इस बजट में कितने रुपये आवंटित हुए हैं।
सिर्फ जनवरी महीने में डिफेंस कंपनियों के शेयरों ने 23% तक की तेजी दर्ज की है। माना जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में संभावित डिफेंस बजट बढ़ोतरी सेक्टर के लिए दीर्घकालिक रूप से सकारात्मक रहेगी।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि बजट 2026 में रक्षा को रणनीतिक रूप से मुख्य केंद्र में रखने की उम्मीद है, जिसमें ज्यादा पूंजीगत खर्च, तेजी से स्वदेशीकरण और टेक्नोलॉजी-आधारित क्षमता निर्माण पर जोर दिया जाएगा।
रक्षा पूंजीगत खर्च, जिससे आधुनिकीकरण और नई खरीद को फंड मिलता है, उसमें भी बढ़त दर्ज की गई है। ये 2015-16 में 83,614 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 1.92 लाख करोड़ रुपये हो गया।
विश्लेषकों का मानना है कि आगामी बजट यह संकेत देगा कि भारत का धीरे-धीरे बढ़ता रक्षा व्यय आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कितना योगदान दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ठोस और त्वरित परिणाम हासिल करने के लिए सरकार को रक्षा बजट का कम से कम 10% हिस्सा R&D के लिए निर्धारित करना चाहिए
सरकार बजट 2026-27 में रक्षा क्षेत्र के लिए नए हथियारों और गोला-बारूद की खरीद और टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती है। चालू कारोबारी वर्ष में देश का ड़िफेंस बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं क्योंकि उन्होंने सियालकोट में नकली पिज्जा हट फ्रेंचाइजी का उद्घाटन कर दिया। इस मामले के सामने आने के बाद लोग पाकिस्तान का खूब मजाक बना रहे हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि डिफेंस सेक्टर को हम लोग आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। एक वक्त ऐसा भी था कि पूरा का पूरा डिफेंस सेक्टर पब्लिक सेक्टर तक सीमित था। लेकिन अब चीजें बदल रही हैं। हमारा पड़ोसी जरा सिरफिरा है। कब हमें हथियारों की जरूरत पड़ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के रक्षा बजट को 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का संकेत दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ये रकम Dream Military बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की ताकत बढ़ने वाली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने तीनों सेनाओं के विभिन्न प्रस्तावों के लिए लगभग 79,000 करोड़ रुपये की बड़ी रक्षा खरीद को मंजूरी दे दी है।
चीन ने अमेरिका की 20 रक्षा कंपनियों पर बड़ा कार्रवाई करते हुए उन पर बैन लगा दिया है। चीन ने यह एक्शन अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियार बेचने की मंजूरी देने के बाद लिया है।
CBI ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के लेफ्टिनेंट कर्नल को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर कई गंभीर आरोप हैं।
DRDO ने बड़ा कमाल कर के दिखाया है। रक्षा मामलों की स्थायी समिति ने जानकारी दी है कि डीआरडीओ ने अपनी स्वदेशी रिसर्च की मदद से देश के बड़े ही भारी-भरकम खर्चे को बचाया है।
दिल्ली-NCR की सुरक्षा के लिए भारत जल्द ही स्वदेशी मल्टीलेयर्ड इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम (IADWS) तैनात करेगा। इसमें QRSAM और VSRADS जैसी मिसाइलें शामिल होंगी। यह सिस्टम दिल्ली को मिसाइल, ड्रोन और हवाई खतरों से सुरक्षित करेगा।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा हुई। इस चर्चा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी भाग लिया। हालांकि, वह भाषण के बीच में टोके जाने पर भड़क उठे।
भारत और रूस की दोस्ती अब नये मुकाम पर पहुंचने वाली है। दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी से भारत सैन्य हथियारों के निर्माण का सबसे बड़ा पावर हाउस बनकर उभरेगा।
भारत-रूस में यह वार्ता पुतिन की 2 दिवसीय भारत यात्रा के बीच हो रही है, जो भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि एस-400 एवं एसयू-57 जैसे सौदे भारत की सैन्य आधुनिकीकरण को गति देंगे, जो चीन एवं पाकिस्तान के सामने बड़ी चुनौती पेश करेंगे।
आज पूरी दुनिया की नजर दो लोगों पर हैं और ये दो लोग हैं- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। खबर है कि भारत और रूस के बीच ब्रह्मोस के एडवांस वर्जन पर बात हो सकती है।
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