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दुश्मन के हमलों से पूरी तरह सुरक्षित होगी दिल्ली, तैनात किया जाएगा स्वदेशी 'सुरक्षा कवच'

दिल्ली-NCR की सुरक्षा के लिए भारत जल्द ही स्वदेशी मल्टीलेयर्ड इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम (IADWS) तैनात करेगा। इसमें QRSAM और VSRADS जैसी मिसाइलें शामिल होंगी। यह सिस्टम दिल्ली को मिसाइल, ड्रोन और हवाई खतरों से सुरक्षित करेगा।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Dec 09, 2025 10:56 pm IST, Updated : Dec 11, 2025 07:16 pm IST
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Image Source : ANI दिल्ली -NCR की सुरक्षा के लिए स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती होगी।

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब दिल्ली-NCR को दुश्मन की हवाई हमलों से बचाने के लिए भारत अपना स्वदेशी इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करने जा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली मिसाइलों, ड्रोन या तेज उड़ने वाले जहाजों से हो सकने वाले दुश्मन के हमलों से पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी। सीनियर डिफेंस सोर्सेस ने ANI को बताया कि ये मल्टीलेयर्ड इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) स्वदेशी एयर डिफेंस मिसाइलों पर आधारित होगा।

जानें किन मिसाइलों को किया जाएगा तैनात

बताया जा रहा है कि इसमें क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (QRSAM) और वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSRADS) जैसी मिसाइलें शामिल होंगी। दिल्ली-NCR की सुरक्षा के लिए इनके साथ अन्य जरूरी उपकरण भी होंगे। यह प्रोजेक्ट रक्षा मंत्रालय की तरफ से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान ने मई महीने में ऑपरेशन सिंधूर के दौरान भारत को टारगेट करने की कोशिश की थी। पहले भारत ने अमेरिका से नेशनल एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम-2 (NASAMS-2) लेने की योजना बनाई थी, लेकिन अब स्वदेशी सिस्टम पर जोर है।

NASAMS-2 के लिए ज्यादा पैसे मांग रहा था US

NASAMS-2 वॉशिंगटन डीसी और व्हाइट हाउस की रक्षा करता है। दोनों देशों ने NASAMS-2 की डील के लिए बातचीत भी शुरू की थी, लेकिन अमेरिका बहुत ज्यादा कीमत मांग रहा था, इसलिए भारत सरकार ने इस डील को आगे नहीं बढ़ाया। सूत्रों ने बताया कि IADWS दिल्ली-NCR में महत्वपूर्ण इंस्टॉलेशंस की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगा। यह इंडियन एयर फोर्स की जिम्मेदारी होगी। DRDO प्रोडक्शन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा। वे नेटवर्किंग और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम पर फोकस करेंगे। सूत्रों ने कहा, 'ऐसे जटिल एयर डिफेंस सिस्टम के लिए ये सिस्टम जरूरी हैं।'

एयर डिफेंस सेक्टर में बड़े काम कर रहा है भारत

बता दें कि DRDO ने कई एयर डिफेंस सिस्टम सफलतापूर्वक विकसित किए हैं, जैसे QRSAM, मीडियम रेंज SAM। अब वे प्रोजेक्ट कुशा के तहत लॉन्ग रेंज SAM पर काम कर रहे हैं। भारत अपने बाकी 2 स्क्वाड्रन एस-400 सुदर्शन एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम हासिल करने की कोशिश में है। साथ ही, रूस से एस-400 के और ज्यादा यूनिट्स और एस-500 एयर डिफेंस सिस्टम के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। यह कदम स्वदेशी डिफेंस सिस्टम्स को बड़ा बूस्ट देगा और भारत की सुरक्षा को और भी ज्यादा मजबूत बनाएगा। (ANI)

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