दिल्ली-NCR की सुरक्षा के लिए भारत जल्द ही स्वदेशी मल्टीलेयर्ड इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम (IADWS) तैनात करेगा। इसमें QRSAM और VSRADS जैसी मिसाइलें शामिल होंगी। यह सिस्टम दिल्ली को मिसाइल, ड्रोन और हवाई खतरों से सुरक्षित करेगा।
डीआरडीओ ने 23 अगस्त को इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण किया। इस सिस्टम में तीन तरह की मिसाइलें शामिल हैं, जो अलग-अलग तरह से काम करती हैं।
पीएम मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर मिशन सुदर्शन चक्र का ऐलान किया है। लाल किला से गरजते हुए उन्होंने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम के बारे में बात करते हुए कहा कि मैंने एक संकल्प लिया है, इसके लिए मुझे देशवासियों का आशीर्वाद चाहिए।
आकाश प्राइम के सफल परीक्षण से भारत का डिफेंस सिस्टम और भी मजबूत हुआ है। परीक्षण के वीडियो में देखा जा सकता है कि आकाश मिसाइल सफलतापूर्वक आसमान में तेज गति से उड़ रहे लक्ष्य को निशाना बनाती है।
'ऑपरेशन सिंदूर' की चोट खाए पाकिस्तानी आर्मी चीफ की रात की नींद उड़ वाली है क्योंकि भारतीय सेना को जल्द ही 30 हजार करोड़ का QRSAM एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम मिलने जा रहा है। इससे भारतीय सेना की ताकत और बढ़ जाएगी।
हाल ही में भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के ऊपर हमला किया था जिसे भारत के एयर डिफेंस ने नाकाम कर दिया। इस ऑपरेशन में भारत के बराक 8 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की भी काफी चर्चा हुई है।
ईरान ने 1 अक्टूबर को इजरायल पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला कर दिया था। ईरान की ये मिसाइलें काफी खतरनाक हैं। वहीं, अब इजरायल की हवाई रक्षा के लिए अब अमेरिका ने THAAD एंटी मिसाइल सिस्टम देने का ऐलान किया है।
भारतीय जल्द ही इजरायल की तर्ज पर आयरन डोम बनाने जा रहा है। इसकी मारक क्षमता 400 किलोमीटर तक होगी। यह ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम होगा, जो 400 किलोमीटर की रेंज में दुश्मनों की सभी मिसाइलों, रॉकेटों, अटैक हेलीकॉप्टरों और फाइटर जेट्स को हवा में ही मारकर गिरा देगा। इससे भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।
US THAAD Network in Guam: अमेरिका ने गुआम में पहले से ही पैट्रयट मिसाइल डिफेंस सिस्टम को तैनात किया हुआ है। चीनी मिसाइलों की लगातार बढ़ती ताकत को देखते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्रालय किसी भी कीमत पर गुआम की सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहता है।
Spyder Missile System: इजरायल ने पहले ही अपना स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम भारत, अजरबैजान, चेक गणराज्य, इथियोपिया, जॉर्जिया, पेरू, फिलीपींस, सिंगापुर और वियतनाम को दिया है। हालांकि अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि यूएई को कितने सिस्टम की बिक्री की जा रही है।
S-400 वायु रक्षा प्रणाली को भारत द्वारा लगभग 35,000 करोड़ रुपये के सौदे में कॉन्ट्रैक्ट किया गया था और साथ ही 400 किमी तक हवाई खतरों से निपटने के लिए भारत को 5 स्क्वाड्रन प्रदान किए जाएंगे।
भारत और रूस ने दोनों देशों की सामरिक शक्ति को मजबूत करने के लिए जब ब्रह्मोस को लेकर समझौता किया होगा तो सोचा भी नहीं होगा कि यह रक्षा उत्पादों की श्रेणी का एक बड़ा ब्रांड होगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार को चांदीपुर टेस्ट रेंज में एरियल हाई स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टार्ग्रेट (HEAT) 'अभ्यास' का सफल परीक्षण किया।
स्टील सेक्टर की प्रमुख कंपनी एस्सार स्टील ने देश में तेजी से बढ़ते डिफेंस मैन्युफैक्चिंग सेक्टर का लाभ उठाने की तैयारी कर ली है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़