1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. सैर-सपाटा
  4. ट्रैकिंग और पर्वतारोहियों के लिए खुशखबरी, उत्तराखंड में 83 हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं

ट्रैकिंग और पर्वतारोहियों के लिए खुशखबरी, उत्तराखंड में 83 हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं

 Written By: Bharti Singh
 Published : Feb 04, 2026 12:50 pm IST,  Updated : Feb 04, 2026 12:52 pm IST

Mountain Climbing In Uttarakhand: उत्तराखंड में हिमालय की 83 चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य में पर्यटन और ग्रामीण विकास के लिए अहम बताया। इस कदम से उत्तराखंड के पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान मिलेगी।

उत्तराखंड में पर्वतारोहण के लिए चोटियां- India TV Hindi
उत्तराखंड में पर्वतारोहण के लिए चोटियां Image Source : FREEPIK

देवभूमि उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पर्वतारोहण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) ने वन विभाग के समन्वय से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख पर्वत चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए पूरी तरह खोल दिया है। जिससे उत्तराखंड को वैश्विक पर्वतारोहण मैप पर एक सशक्त और आकर्षक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान मिलेगी।

जिन चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोला गया है उनकी ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इसमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चंगाबांग, पंचचूली और नीलकंठ जैसी विश्व प्रसिद्ध और चुनौतीपूर्ण चोटियां शामिल हैं। ये शिखर न केवल तकनीकी कठिनाई और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि हिमालय की भव्यता के जीवंत प्रतीक भी माने जाते हैं।

हिमालय की 83 चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा 'हिमालय हमारी पहचान, हमारी विरासत और हमारी शक्ति है। 83 प्रमुख पर्वत चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोलना राज्य के साहसिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। हमारा उद्देश्य है कि देश के युवा पर्वतारोहण जैसे साहसिक क्षेत्रों में आगे आएं, स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित विकास सुनिश्चित हो। राज्य सरकार सुरक्षित, जिम्मेदार और सतत पर्वतारोहण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय युवाओं को पर्वतारोहण के लिए प्रोत्साहित करना, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और सीमावर्ती व दूर-दराज क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है।'

भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत

अधिसूचित 83 चोटियों पर अब भारतीय पर्वतारोहियों को कोई अभियान शुल्क जैसे- पीक फीस, कैंपिंग फीस, पर्यावरण शुल्क नहीं देना होगा। पहले यह शुल्क भारतीय पर्वतारोहण संस्था (IMF) और वन विभाग द्वारा लिया जाता था, लेकिन अब राज्य सरकार खुद इसका वहन करेगी। इससे आर्थिक बाधाओं के कारण पीछे रह जाने वाले युवाओं को बड़ा अवसर मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए सरल व्यवस्था

विदेशी पर्वतारोहियों पर पहले लगने वाले राज्य स्तरीय अतिरिक्त शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब उन्हें केवल IMF द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा। इससे उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपील बढ़ेगी और विदेशी अभियानों की संख्या में इजाफा होगा।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

सभी पर्वतारोहण अभियानों के लिए आवेदन अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। यह प्रणाली पारदर्शी, तेज और पूरी तरह डिजिटल है, जिससे अनुमति प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।

स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

इस फैसले से सीमावर्ती गांवों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे, परिवहन और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह पहल पलायन रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर सख्ती

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी अभियानों में सुरक्षा मानकों और पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य होगा। पर्वतारोहियों को “लीव नो ट्रेस” सिद्धांत अपनाना होगा और हिमालय की नाजुक पारिस्थितिकी की रक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

उत्तराखंड पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों का इन अद्भुत हिमालयी शिखरों पर स्वागत करते हुए कहा है कि यह पहल देवभूमि उत्तराखंड की साहसिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला मील का पत्थर साबित होगी।

गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026-27 में पहाड़ी राज्यों के पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाली महत्वपूर्ण घोषणा की है। बजट में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण-अनुकूल (इको-फ्रेंडली) माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने का ऐलान किया गया है। यह कदम भारत को विश्व स्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग गंतव्य बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है, जो साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करेगा।

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Travel से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल