न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में शुक्रवार को अहम बैठक होनी है। बैठक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाए गए टैरिफ की वजह से मॉस्को बातचीत के लिए तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर रूस ऐसा नहीं करता तो वह अपने 'दूसरे सबसे बड़े ग्राहक' को खो सकता था।
ट्रंप ने कहा क्या?
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ''मुझे लगता है कि हर चीज का असर होता है।'' ट्रंप ने दावा कि जब उन्होंने भारत से कहा कि ''हम आपसे शुल्क लेंगे, क्योंकि आप रूस से तेल खरीद रहे हैं'' तो इस स्थिति में ''उन्हें (भारत) रूस से तेल खरीदना बंद करना पड़ा।'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ''फिर उन्होंने (रूस ने) फोन किया, और मिलना चाहा। हम देखेंगे कि इस मुलाकात से क्या होता है। लेकिन निश्चित रूप से जब आप अपना दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक खो देते हैं, और शायद आप अपना पहला सबसे बड़ा ग्राहक भी खो सकते हैं, तो मुझे लगता है कि इसकी भी एक भूमिका होगी।''
भारत ने साफ कर दिया है रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ''भारत दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक था, और चीन के काफी करीब पहुंच रहा था। चीन रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है।'' इस बीच भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति की शुल्क धमकी के बाद रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया है और पूरी तरह से आर्थिक कारणों से खरीद जारी है।
ट्रंप दे चुके हैं रूस को चेतावनी
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले भी बड़े बयान दिए हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि अगर अलास्का में वार्ता के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध रोकने पर सहमत नहीं हुए तो उन्हें इसके ‘बहुत गंभीर परिणाम’ भुगतने पड़ेंगे। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संयम दिखाया है और यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की प्रशंसा की है। (भाषा)
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