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America's gun culture: खतरनाक और जानलेवा बनता जा रहा है अमेरिका में 'गन कल्चर'

 Published : Jun 20, 2022 02:44 pm IST,  Updated : Jun 20, 2022 02:44 pm IST

America's gun culture: वहां की कंपनियों को सेल्फ डिफेंस, स्वाभिमान, और अमेरिका में हो रहे अपराधों का डर दिखाकर हथियार बेचना बेहद सफल रहा है। जहाँ साल 2000 में देश में 85 लाख हथियार बिके थे। वहीं पिछले साल यह संख्या 3 करोड़ 89 लाख पहुँच गई थी। इनमें भी सबसे ज्यादा हथियार महिलाओं ने ख़रीदे हैं।

American children with gun- India TV Hindi
American children with gun Image Source : PIXABAY

Highlights

  • साल 2000 में देश में 85 लाख हथियार बिके थे
  • पिछले साल 3 करोड़ 89 लाख हथियार बिके
  • वहां की कंपनियां अब युवाओं को अपना टार्गेट कस्टमर बना रही हैं

America's gun culture: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में हुई गोलीबारी की घटना के बाद वहां का 'गन कल्चर' एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में सबसे ज्यादा हथियार वहां की महिलाएं खरीदती हैं। अमेरिकी गन कंपनियों ने पिछले 20 साल जबरदस्त बाजार विकसित कर ली है। वो वहां के नागरिकों को अपनी सुरक्षा करने के हिसाब से हथियार खरीदने को उत्साहित करती हैं। 

वहां की कंपनियों को सेल्फ डिफेंस, स्वाभिमान, और अमेरिका में हो रहे अपराधों का डर दिखाकर हथियार बेचना बेहद सफल रहा है। जहां साल 2000 में देश में 85 लाख हथियार बिके थे। वहीं पिछले साल यह संख्या 3 करोड़ 89 लाख पहुँच गई थी। इनमें भी सबसे ज्यादा हथियार महिलाओं ने ख़रीदे हैं। अमेरिकी गन कंपनियों ने हथियार रखना शान और शौकत का विषय बनाकर खूब हथियार बेंचे और वहां के वकीलों और नेताओं ने लोगों को भरोसा दिलाया कि हर किसी के पास एक बंदूक तो होनी ही चाहिए।

मर्दों के बीच असली मर्द बनें, ऐसी होती हैं विज्ञापन की टैगलाइन 

साल 2020 में रंगभेद विरोधी प्रदर्शन के दौरान कायल रिटेनहाउस ने 2 लोगों की हत्या कर दी थी। लेकिन पिछले साल नवंबर में कोर्ट ने उसे बरी किया था। कोर्ट ने बरी किये जाने के कुछ देर बाद फ्लोरिडा के एक गन डीलर ने असाल्ट राइफल लहराते एक व्यक्ति की फोटो को इस नारे के साथ प्रचार किया कि- मर्दों के बीच असली मर्द बनें। हालांकि, जब रिटेनहाउस ने 2 लोगों की हत्या की थी, तब वह केवल 17 साल का था। एक रिपोर्ट के अनुसार वहां की कंपनियां अब युवाओं को अपना टार्गेट कस्टमर बना रही हैं। वो उनके बीच सेना के द्वारा इस्तेमाल में लाई जाने वाले छोटी बंदूकों को खूब प्रचारित करते हैं।  

2012 के बाद आई हथियारों की बिक्री में तेजी

पिछले महीने ह्यूस्टन में नेशनल राइफल एसोसिएशन के सम्मेलन में एक गन निर्माता ने एआर-15 स्टाइल की गन को बीआरओ-टायरेंट (जालिम) और बीआरओ प्रिडेटर (शिकारी) नाम से पेश किया। दर्जनों अन्य निर्माताओं, डीलरों ने इसी तरह का प्रचार किया। बार-बार सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं ने गन इंडस्ट्री के लिए नए मौके बनाये हैं। 2012 मेें सेंडीहुक स्कूल हत्याकांड के बाद बंदूकों की बिक्री बहुत ज्यादा तेजी से बढ़ी है।

गन इंडस्ट्री ने अपने खरीदारों का रिकॉर्ड किया तैयार

गन इंडस्ट्री ने 2016 से अपने खरीदारों का रिकॉर्ड किया था। इसी रिकॉर्ड के आधार पर साल 2021 में एक स्टडी में पाया गया कि आमतौर पर गन रखने वाले ज्यादातर लोग 40 वर्ष की आयु के गोरे लोग थे। और इसमें भी सबसे ज्यादा लोगों ने हैंडगन खरीदी थी।

गन खरीदने में महिलाओं की संख्या बढ़ी

गन इंडस्ट्री एसोसिएशन की एक रिपोर्ट में ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए एक उदहारण दिया गया है। रिपोर्ट में एक फोटो पेश किया गया है, जिसमें एक शहर के एक सुनसान इलाके में चाकू लिए पुरुष को आगे बढ़ते देखकर महिला अपने बैग से हेंडगन निकालती दिखाई गई है। मार्केटिंग एजेंसी कंसील्ड कैरी एसोसिएशन के चीफ टिमोथी का कहना है, गन खरीदने वाले नए लोगों में छोटे शहर और ग्रामीण इलाकों में रहने वाला एक बड़ा वर्ग भी जुड़ गया है। 

महिलाओं पर खासा ध्यान 

अमेरिका में महिलाओं को प्रभावित करने के लिए लंबे समय से अभियान चलाए जा रहे हैं। 1996 में लेडीज होम जर्नल पत्रिका में एक विज्ञापन में किचन की टेबल पर एक हैंडगन को रखा दिखाया गया है। साथ में स्लोगन था-होम ओनर्स इंश्योरेंस। 1960 से 1990 के बीच अधिकतर विज्ञापन सिर्फ शिकार के लिए गन के उपयोग पर केंद्रित थे। लेकिन उसके बाद आत्मरक्षा और शौक के लिए हथियारों के विज्ञापन पर जोर दिया जाने लगा। हालांकि 2019 में ऐसे विज्ञापन केवल 10% रह गए थे लेकिन इस बदलाव के साथ सेमीऑटोमैटिक हैंडगन और एआर-15 राइफलों की बिक्री बढ़ गई। पहले जहां इन हथियारों का इस्तेमाल सिर्फ पुलिस एजेंसियां और सेना करती थी, वहीं आज आम अमेरिकी नागरिक भी इन हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

 

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