Wednesday, February 18, 2026
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ईरान-अमेरिका न्यूक्लियर डील के ‘गाइडिंग प्रिंसिपल्स’ पर सहमत, जेडी वैन्स ने कहा-एटॉमिक प्रोग्राम को खत्म करना ‘रेड लाइन्स’ में शामिल

Written By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Feb 18, 2026 08:50 am IST, Updated : Feb 18, 2026 08:50 am IST

ईरान-अमेरिका न्यूक्लियर डील को लेकर दोनों पक्ष ‘गाइडिंग प्रिंसिपल्स’ पर सहमत हुए हैं। इसके तहते दूसरे दौर की वार्ता निर्धारित कर दी गई है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (बाएं) व अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस।- India TV Hindi
Image Source : AP ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (बाएं) व अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस।

वाशिंगटन: अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों ने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर दूसरे दौर की बातचीत के दौरान एक समझौते के लिए "मार्गदर्शक सिद्धांतों" पर सहमति जताई है। यह जानकारी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार उन्होंने जेनेवा में राज्य टीवी से कहा, "हम एक सेट ऑफ गाइडिंग प्रिंसिपल्स पर सामान्य समझौते तक पहुंचने में सफल रहे हैं, जिनके आधार पर हम अब आगे बढ़ेंगे और संभावित समझौते का मसौदा तैयार करने की ओर बढ़ेंगे। अराघची ने यह भी कहा कि यह सफलता "इसका मतलब नहीं है कि हम जल्दी से अंतिम समझौते तक पहुंच जाएंगे।" "यह इसका मतलब नहीं है कि हम जल्दी अंतिम समझौते तक पहुंच जाएंगे, लेकिन कम से कम रास्ता शुरू हो गया है।"

ईरान के एटॉमिक प्रोग्राम को खत्म करना ‘रेड लाइन्स’ का हिस्सा

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करने को ‘रेड लाइन्स’ का हिस्सा बताया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने सहमति जताई कि वार्ता में "प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी बहुत सारे विवरणों पर चर्चा बाकी है। ईरानियों ने कहा है कि वे अगले दो हफ्तों में विस्तृत प्रस्ताव लेकर आएंगे, ताकि हमारी स्थितियों में कुछ खुले अंतरों को दूर किया जा सके। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मंगलवार दोपहर फॉक्स न्यूज को बताया कि "कुछ मायनों में" बातचीत अच्छी रही, "लेकिन अन्य मायनों में यह बहुत स्पष्ट था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ लाल रेखाएं तय की हैं, जिन्हें ईरानी अभी स्वीकार करने और उन पर काम करने के लिए तैयार नहीं हैं।"

ईरान से क्या चाहते हैं ट्रंप

ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान वार्ता को विस्तार दे, ताकि इसमें उसका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और विरोधी-शासन प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार भी शामिल हो, जो तेहरान ने टेबल से बाहर रखने पर जोर दिया है। अमेरिका की ओर से इसकी ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर कर रहे हैं।  राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के होस्ट लैरी कुडलो से एक संभावित समझौते के बारे में कहा था, "यह एक अच्छा सौदा होना चाहिए: कोई परमाणु हथियार नहीं, कोई मिसाइल नहीं, कोई यह नहीं, कोई वह नहीं, सभी वो चीजें जो आप चाहते हैं।"हमारी प्राथमिक रुचि यहां यह है कि हम नहीं चाहते कि ईरान को परमाणु हथियार मिले। 

जेडी वेंस ने ईरान को ट्रंप के बयानों का हवाला देकर धमकाया

जेडी वेंस ने मंगलवार को ट्रंप के उक्त बयान पर सहमति जताई और जोड़ा कि "सब कुछ टेबल पर है। उन्होंने ट्रंप के बयानों का हवाला देकर अप्रत्यक्ष रूप से ईरान को धमकी भी दी। वेंस ने कहा- हमारे पास बहुत शक्तिशाली सेना है। राष्ट्रपति ने इसके इस्तेमाल करने की इच्छा दिखाई है। उनके पास एक उल्लेखनीय कूटनीतिक टीम भी है। उन्होंने इसका भी इस्तेमाल करने की इच्छा दिखाई है, लेकिन बेशक, राष्ट्रपति यह कहने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं कि जब वे सोचते हैं कि कूटनीति अपनी प्राकृतिक सीमा तक पहुंच गई है।

हम उम्मीद करते हैं कि हम उस बिंदु तक नहीं पहुंचेंगे, लेकिन अगर पहुंच गए, तो यह राष्ट्रपति का फैसला होगा। हम निश्चित रूप से चाहते हैं कि ईरान आतंकवाद का राज्य प्रायोजक बनना बंद करे। वे कई तरीकों से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण तरीका यह होगा कि अगर उन्होंने परमाणु हथियार हासिल कर लिया। हालांकि जेनेवा में हुई बातचीत को ईरान और अमेरिका ने सकारात्मक बताया है, जो कि ओमान में अप्रत्यक्ष चर्चाओं के बाद हुई है।

खामेनेई ने कहा-इतनी जोर से थप्पड़ मारा जा सकता है कि वो उठ नहीं पाएगा

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने मंगलवार को बातचीत शुरू होने के बाद ट्रंप को खुलेआम चेतावनी दी कि क्षेत्र में अमेरिका की शक्तिशाली नौसेना की बढ़ोतरी को "इतनी जोर से थप्पड़ मारा जा सकता है कि वह उठ नहीं पाएगा। खामेनेई ने आगे लिखा अमेरिकी राष्ट्रपति कहते हैं कि उनकी सेना दुनिया की सबसे मजबूत है, लेकिन दुनिया की सबसे मजबूत सेना को कभी-कभी इतनी जोर से थप्पड़ मारा जा सकता है कि वह उठ नहीं पाती। 86 वर्षीय ईरानी शासक ने व्यंग्य किया। खामेनेई ने X पर अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की भी धमकी दी। उन्होंने कहा, "अमेरिकी लगातार कहते हैं कि उन्होंने ईरान की ओर युद्धपोत भेजा है।

 बेशक, युद्धपोत एक खतरनाक सैन्य उपकरण है। हालांकि, उस युद्धपोत से ज्यादा खतरनाक वह हथियार है जो उस युद्धपोत को समुद्र की तलहटी में भेज सकता है। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में अभ्यास किए हैं। इन अभ्यासों के दौरान, ईरान ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जहां से दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग एक-पांचवां हिस्सा गुजरता है।

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