वाशिंगटन: अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया और अब यह युद्ध खाड़ी के सभी देशों में फैल चुका है। इजरायल और अमेरिका ने ईरान में तबाही मचाई है तो ईरान भी अमेरिका और इजरायल को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस के समर्थन के बिना ही अमेरिका को युद्ध में धकेल दिया, लेकिन सांसद अब यह सवाल उठा रहे हैं कि ईरान के साथ युद्ध कब, कैसे और किस कीमत पर समाप्त होगा। सांसदों का कहना है कि युद्ध शुरू हुए तीन सप्ताह हो चुके हैं और अब इसके परिणाम स्पष्ट होने लगे हैं। इस युद्ध में अबतक कम से कम 13 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं और 230 से अधिक घायल हुए हैं।
पेंटागन ने 200 अरब अमेरिकी डॉलर मांगा है
पेंटागन ने युद्ध जारी रखने के लिए युद्ध निधि से 200 अरब अमेरिकी डॉलर मांगा है, जो व्हाइट हाउस से अबतक नहीं मिल सका है। अमेरिका और इजरायल के इस हमले की वजह से अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले हो रहे हैं, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और हजारों अमेरिकी सैनिक पश्चिम एशिया में तैनात किए जा रहे हैं, जबकि इस समस्या का कोई अंतिम समाधान नजर नहीं आ रहा।
ट्रंप ने कहा था-हम सैन्य अभियान खत्म करेंगे
उत्तरी कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने 'एसोसिएटेड प्रेस' से कहा, ''असल सवाल यह है कि हम अंततः क्या हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं?'' ट्रंप ने शुक्रवार को देर रात कहा था कि वह सैन्य अभियानों को ''समाप्त करने'' पर विचार कर रहे हैं, साथ ही उन्होंने नए उद्देश्यों और लक्ष्यों की रूपरेखा भी बताई थी। प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने कहा है कि सैन्य अभियान जल्द ही समाप्त हो जाएगा। जॉनसन ने कहा, ''मुझे लगता है कि मूल मिशन लगभग पूरा हो चुका है।''