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Mumbai Attack के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा ने फिर दी भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ नई अर्जी, इस बार की ये मांग

 Published : Mar 07, 2025 11:59 am IST,  Updated : Mar 07, 2025 11:59 am IST

मुंबई हमले के आरोपी और पाकिस्तानी मूल के आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा ने अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट से भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज होने के बाद एक और नई अर्जी दायर की है, जिसमें उसने गुण-दोष के आधार पर प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग की है।

तहव्वुर हुसैन राणा, मुंबई हमले का साजिशकर्ता।- India TV Hindi
तहव्वुर हुसैन राणा, मुंबई हमले का साजिशकर्ता। Image Source : ANI

न्यूयॉर्क: मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी और पाकिस्तानी मूल के आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद फिर से एक नई याचिका दायर की है। इसमें भी तहव्वुर राणा ने भारत में प्रत्यर्पण किए जाने से रोक लगाने की मांग की है। इस बार यह अर्जी मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स के समक्ष दाखिल की है। बता दें कि पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक (64) राणा वर्तमान में लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है। राणा ने 27 फरवरी को अमेरिका की शीर्ष अदालत के एसोसिएट जस्टिस और नौवें सर्किट की सर्किट जस्टिस एलेना कागन के समक्ष ‘‘बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने के लिए आपात आवेदन’’ प्रस्तुत किया था।

शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर छह मार्च को प्रकाशित एक नोट में कहा गया ‘‘ अर्जी न्यायमूर्ति कागन ने अस्वीकार की।’’ राणा के वकीलों की ओर से बृहस्पतिवार को दायर की गई अर्जी के अनुसार राणा ने पहले न्यायमूर्ति कागन के समक्ष पेश ‘‘बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने संबंधी अपनी आपात अर्जी’’ अब नवीनीकृत की है और अनुरोध करते हैं कि नवीनीकृत अर्जी मुख्य न्यायाधीश रॉबर्ट्स के समक्ष पेश की जाए। अपनी आपात अर्जी में राणा ने 13 फरवरी की याचिका के गुण-दोष के आधार पर अपने प्रत्यर्पण और मुकदमा लंबित रहने तक भारत के समक्ष आत्मसमर्पण करने पर रोक लगाने की मांग की थी।

पहली अर्जी हो चुकी है सुप्रीम कोर्ट से खारिज

राणा की पहली अर्जी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है, जिसमें उसने तर्क दिया था कि भारत को उसका प्रत्यर्पण अमेरिकी कानून और यातना के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का उल्लंघन है, ‘‘ क्योंकि यह मानने के पर्याप्त आधार हैं कि यदि उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया तो याचिकाकर्ता को यातना दिए जाने का खतरा होगा।’’ याचिका में कहा गया, ‘‘ इस मामले में प्रताड़ित किए जाने की संभावना और भी अधिक है, क्योंकि याचिकाकर्ता मुंबई हमलों में आरोपी पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम है।’’ याचिका में यह भी कहा गया है कि उसकी "गंभीर चिकित्सा स्थिति" के कारण उसे भारतीय हिरासत केंद्रों में प्रत्यर्पित करना इस मामले में "वास्तव में" मौत की सजा है। जनवरी में अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राणा की याचिका खारिज कर दी थी और उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। (भाषा)

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