Sitamarhi Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में सीतामढ़ी सियासी और धार्मिक चर्चाओं के केंद्र में है। नेपाल की सीमा से सटे इसी विधानसभा क्षेत्र में माता सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम स्थित है। यहां माता सीता के मंदिर के शिलान्यास ने यहां की सियासी हवा को एक अलग रंग दे दिया है। भगवा पार्टी के लिए इसे मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। राज्य में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी और 14 नवंबर को मतगणना होगी।
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सियासी समीकरण और इतिहास
सीतामढ़ी को 1972 में मुजफ्फरपुर से अलग कर जिला का दर्जा दिया गया था। 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले इस विधानसभा क्षेत्र में वैश्य, ब्राह्मण, यादव और मुस्लिम वोटरों का विविध मिश्रण है जिसके चलते यहां की राजनीति में जातिगत समीकरण और सामाजिक गतिशीलता हमेशा चर्चा में रहती है। कांग्रेस ने इस सीट पर पांच बार जीत दर्ज की। आखिरी बार 1985 में इस सीट पर कांग्रेस को सफलता मिली थी। सोशलिस्ट पार्टी दो बार, सीपीआई और जनता दल एक-एक बार, आरजेडी ने दो बार और बीजेपी करीब 6 बार जीत दर्ज की है। फिलहाल यह सीट बीजेपी के पास है।
2020 विधानसभा चुनाव
वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में सीतामढ़ी सीट से बीजेपी उम्मीदवार मिथिलेश कुमार ने जीत दर्ज की थी। मिथिलेश कुमार को कुल 90,236 वोट मिले थे जबकि आरजेडी के उम्मीदवार सुनील कुमार को इस सीट पर कुल 78,761 वोट प्राप्त हुए। हार-जीत का अंतर 11475 वोटों का रहा।
2015 विधानसभा चुनाव
वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से आरजेडी को सफलता मिली थी। आरजेडी के सुनील कुमार ने बीजेपी के सुनील कुमार पिंटू को हरा दिया था। आरजेडी उम्मीदवार सुनील कुमार को कुल 80,827 वोट हासिल हुए जबकि बीजेपी के सुनील कुमार पिंटू को कुल 66053 मिले। हार-जीत का अंतर 14,774 वोटों का रहा।
2010 विधानसभा चुनाव
वर्ष 2010 के विधानसभा चुनावों की बात करें तो इस चुनाव में बीजेपी को सुनील कुमार पिंटू को कामयाबी मिली थी। उन्होंने लोजपा के राघवेंद्र सिंह को हरा दिया था। सुनील कुमार पिंटू को कुल 51,622 वोट मिले जबकि राधवेंद्र कुमार सिंह को कुल 46,420 वोट हासिल हुए।