बिहार में अब चुनावी माहौल गर्मा गया है। यहां बीजेपी, जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस समेत सभी दलों के नेता चुनावी जनसभा करने में लगे हुए हैं। बिहार की खास सीटों की बात करें तो इस्लामपुर विधानसभा सीट, इनमें से एक है। इस्लामपुर विधानसभा सीट बिहार के नालंदा जिले में स्थित है। यह एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है।
यादव, मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग की अहम भूमिका
यह सीट नालंदा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस्लामपुर एक ग्रामीण-प्रधान क्षेत्र है, जहां कृषि और छोटे-मोटे व्यवसाय मुख्य आजीविका के स्रोत हैं। यहां की राजनीति में जातीय समीकरण, विशेष रूप से यादव, मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD), जनता दल यूनाइटेड (JDU), और भारतीय जनता पार्टी (BJP) जैसे दलों का प्रभाव रहा है।
JDU और RJD के बीच मुकाबला
इस सीट के पुराने इतिहास को देखें तो इस्लामपुर में जेडीयू और आरजेडी के बीच मुख्य मुकाबला रहा है, जिसमें जातीय समीकरण और गठबंधन की रणनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यादव और मुस्लिम मतदाता इस सीट पर निर्णायक होते हैं। साथ ही अन्य ओबीसी और सामान्य वर्ग के मतदाता भी प्रभाव डालते हैं। एनडीए और महागठबंधन के बीच सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन इस सीट के परिणामों को प्रभावित करते हैं।
2020 में RJD उम्मीदवार ने दर्ज की थी जीत
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आरजेडी से राकेश कुमार रौशन ने जीत दर्ज की थी। आरजेडी के उम्मीदवार को 68,088 वोट मिले थे। आरजेडी उम्मीदवार ने जेडीयू के उम्मीदवार को हराया था। जेडीयू के उम्मीदवार चंद्रसेन प्रसाद को यहां से 64,390 वोट मिले थे।
2015 में यहां से जेडीयू ने जीता चुनाव
2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जेडीयू उम्मीदवार चंद्रसेन प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। तब जेडीयू और आरजेडी का गठबंधन था। जेडीयू उम्मीदवार ने बीजेपी के बीरेंद्र गोप को हराया था। च्रंदसेन प्रसाद को 66,587 वोट मिले थे।
2010 में JDU से राजीव रंजन बने विधायक
2010 के विधानसभा चुनाव में इस्लामपुर विधानसभा सीट से जेडीयू के राजीव रंजन ने जीत दर्ज की थी। जेडीयू ने तब आरजेडी के उम्मीदवार वीरेंद्र गोप को 23808 वोटों से हराया था।