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"काम नहीं कर सकते तो इस्तीफा देकर जाइए", मंत्री मिथिलेश तिवारी ने CO की लगाई क्लास, दिया 12 घंटे का अल्टीमेटम

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Jun 17, 2026 02:57 pm IST,  Updated : Jun 17, 2026 03:04 pm IST

सहयोग शिविर में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक अधिकारी की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने अधिकारी से कहा कि डीएम का पावर जानते हैं ना...अगर लिख दिए तो सस्पेंड हो जाएगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी- India TV Hindi
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी Image Source : REPORTER

गोपालगंज: बिहार में चल रहे सहयोग शिविर के बीच गोपालगंज के बैकुंठपुर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी एक अधिकारी की जमकर क्लास लगाते नजर आ रहे हैं। मंत्री ने न सिर्फ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए, बल्कि लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दे डाली।

दरअसल, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी अपने विधानसभा क्षेत्र बैकुंठपुर में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसी बीच बैकुंठपुर के CO द्वारा सहयोग शिविर में आवेदनों के निस्तारण को लेकर जानकारी दी जा रही थी।

अधिकारी को लगाई जमकर फटकार

अधिकारी की बात सुनते ही शिक्षा मंत्री नाराज हो गए और माइक संभालते हुए जमकर फटकार लगा दी। मंत्री ने कहा कि जनता के आवेदनों को केवल कागजों पर डिस्पोज दिखाने का खेल अब नहीं चलेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि काम नहीं कर सकते हैं तो इस्तीफा देकर चले जाइए, सरकार को ऐसे अधिकारियों की जरूरत नहीं है।

मंत्री ने अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि "दीपावली के दिन ही लक्ष्मी जी को याद कीजिएगा, उससे पहले याद किया तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा। अपने अधीनस्थ सभी लोगों को बता दीजिए कि इस मामले में किसी की पैरवी नहीं चलेगी।"

यहां देखें वीडियो

दोबारा लापरवाही बर्दाश्त नहीं

इतना ही नहीं, मंत्री ने जिलाधिकारी की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि रिपोर्ट लिख दी गई तो कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही थी, लेकिन उन्होंने खुद हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया था। अब दोबारा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने सवाल उठाया कि सहयोग शिविर में जितने आवेदन आए, उनका वास्तविक निस्तारण हुआ भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि केवल कागजों पर डिस्पोजल दिखाकर सरकार को झूठी रिपोर्ट भेजी जा रही है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारी को 12 घंटे के भीतर सभी लंबित आवेदनों के निष्पादन और वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया। मंत्री की इस सख्त चेतावनी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशासनिक महकमे में भी इसकी चर्चा जोरों पर है।

(गोपालगंज से अयाज अहमद की रिपोर्ट)

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