Published : Jun 28, 2026 05:35 pm IST, Updated : Jun 28, 2026 05:35 pm IST
1/7Image Source : INDIA TV
हिंदू धर्म में आषाढ़ माह का विशेष महत्व है। 30 जून 2026 से आषाढ़ महीने का आरंभ हो रहा है और समाप्त 29 जुलाई को होगा। यह महीना भगवान विष्णु की पूजा के लिए अति उत्तम माना जाता है।
2/7Image Source : FILE IMAGE
आषाढ़ माह में भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और तप करने का खास महत्व है। इस माह में पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस माह में इन कामों को करना वर्जित माना गया है। तो आइए जानते हैं कि आषाढ़ में क्या नहीं करना चाहिए।
3/7Image Source : FILE IMAGE
आषाढ़ माह में ही चातुर्मास का आरंभ होता है। हिंदू धर्म में चातुर्मास में मांगलिक कार्यों नहीं किए जाते हैं। ऐसे में आषाढ़ माह में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ कार्य करना वर्जित होता है।
4/7Image Source : PEXELS
आषाढ़ माह में ही चातुर्मास का आरंभ होता है। हिंदू धर्म में चातुर्मास में मांगलिक कार्यों नहीं किए जाते हैं। ऐसे में आषाढ़ माह में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ कार्य करना वर्जित होता है।
5/7Image Source : Magnific
आषढ़ माह में क्रोध, विवाद और कटु वचन से दूर रहें। इस माह में किसी के लिए भी अपने मन में बुरे विचार न लाएं और न ही किसी के लिए कोई अपशब्द कहें।
6/7Image Source : PEXELS
आषाढ़ माह में तामसिक चीजों से दूर रहें। इस पूरे महीने में मांस-मछली और मदिरा का सेवन न करें। इस महीने में सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
7/7Image Source : PEXELS
आषाढ़ माह में पत्तेदार सब्जियां, बैंगन और मसूर दाल खाने से भी परहेज करना चाहिए।