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सोमवार के दिन रखा जाएगा ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

 Written By: Acharya Indu Prakash Edited By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 28, 2026 02:46 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 03:51 pm IST

सोमवार 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और राहुकाल का समय क्या होगा, आइए जानते हैं।

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आज का पंचांग Image Source : INDIA TV

29 जून को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि और सोमवार का दिन है। पूर्णिमा तिथि आज पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 5 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। आज दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा। साथ ही आज पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 4 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा आज स्नानदान व्रतादि की पूर्णिमा है। आज संत कबीर दास जी की जयंती भी है। आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं सोमवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

29 जून 2026 का पंचांग

  • ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि- 29 जून 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 5 बजकर 27 मिनट तक रहेगी
  • शुक्ल योग-  29 जून को दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक
  • मूल नक्षत्र- 29 जून को पूरा दिन पूरी रात पार कर के भोर 4 बजकर 4 मिनट तक
  • 29 जून 2026 विशेष-  पूर्णिमा व्रत 

29 जून 2026 का शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:38 ए एम से 05:21 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:15 पी एम से 01:08 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:55 पी एम से 03:48 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:19 पी एम से 07:40 पी एम
  • अमृत काल - 08:53 पी एम से 10:40 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 07:11 से सुबह 08:55 तक
  • मुंबई- सुबह 07:44 से सुबह 09:23 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 07:09 से सुबह 08:55 तक
  • लखनऊ- सुबह 06:59 से सुबह 08:43 तक
  • भोपाल- सुबह 07:19 से सुबह 09:00 तक
  • कोलकाता- सुबह 06:36 से सुबह 08:17 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 07:38 से सुबह 09:20 तक
  • चेन्नई- सुबह 07:22 से सुबह 08:59 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- सुबह 5:25 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 7: 22 बजे

ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत

ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत को धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जात है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्त व्रत रखते हैं। इसके साथ ही पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक गतिविधियों और दान-पुण्य के लिए भी शुभ माना गया है। इस दिन धार्मिक और आध्यात्मिक क्रियाकलाप करने से मानसिक शांति, पारिवारिक जीवन में सुख और आध्यात्मिक उन्नति व्यक्ति को प्राप्त होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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