उत्तर प्रदेश पुलिस और बिहार STF की संयुक्त टीम ने कटिहार के रौतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत हथिया दियारा लैला चौक पर छापेमारी कर एक सनसनीखेज गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने यहां से प्लास्टिक के सामान की आड़ में 'डेटा की तस्करी' करने वाले इश्तियाक आलम को दबोच लिया है। आपको बता दें कि गिरफ्तार आरोपी इश्तियाक आलम ऊपर से तो प्लास्टिक के बर्तनों और सामानों का छोटा व्यापारी दिखता था, लेकिन जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक, उसके काले धंधे की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। आरोप है कि इश्तियाक मोबाइल फोन के मदरबोर्ड को बेचा करता था।
ठगों तक पहुंचाए जाते थे मदरबोर्ड
सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी इश्तियाक फेरी वालों के जरिए गांव-गांव से पुराने और कबाड़ हो चुके मोबाइल फोन कौड़ियों के भाव खरीदता था। वह इन मोबाइल्स को तोड़कर उनका मदरबोर्ड (Motherboard) निकाल लेता था और उन्हें ऊंचे दामों पर बेच देता था। आशंका है कि ये मदरबोर्ड विदेशों में बैठे शातिर ठगों तक पहुंचाए जाते थे। ठग इन मदरबोर्ड्स से भारतीय नागरिकों का निजी डेटा रिकवर कर बड़े साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे।
पुलिस ने क्या बताया?
कटिहार जिले के एसपी ने भी इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया है कि मामला केवल मोबाइल के पुर्जे बेचने तक सीमित नहीं है। इन मदरबोर्ड्स से डेटा चोरी कर भारतीयों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराध किए जाने की प्रबल आशंका है। यूपी पुलिस इसी कड़ी को जोड़ते हुए कटिहार पहुंची थी। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। दूसरी ओर लैला चौक के स्थानीय लोग इस कार्रवाई से पूरी तरह से सन्न हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इश्तियाक को हमेशा फेरी वालों के साथ प्लास्टिक का व्यापार करते देखा था। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनके पड़ोस में बैठा शख्स अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के लिए "कच्चा माल" सप्लाई कर रहा है। (रिपोर्ट: निरंजन सिंह)
ये भी पढ़ें- बिहार: पार्किंग के विवाद में शख्स की गला काटकर हत्या, नाराज लोगों ने आरोपी दुकानदार को भी पीट-पीटकर मार डाला
ये क्या! 7 साल पहले मर चुके टीचर ने निकाल लिया एरियर; सुपौल में फर्जी हस्ताक्षर कर 1 करोड़ का घोटाला