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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चुनाव आयोग ने जारी की ड्रॉफ्ट मतदाता सूची, 243 सीटों के 90,817 पोलिंग बूथ का डेटा शामिल

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Aug 01, 2025 12:10 pm IST,  Updated : Aug 01, 2025 04:03 pm IST

बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने एसआईआर कराया है। इससे मतदाता सूची में मौजूद गड़बड़ियों को दूर करने में मदद मिलेगी।

ECI- India TV Hindi
चुनाव आयोग Image Source : PTI

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले चुनाव आयोग ने राज्य की सभी 243 सीटों के लिए ड्रॉफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। यहां कुल 90,817 मतदान केंद्र हैं। 30 जिलों के कलेक्टर ने गुरुवार (1 अगस्त) को 11 बजे सभी राजनीतिक दलों के साथ ड्रॉफ्ट मतदाता सूची साझा की। इसके बाद इसे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, वह एक सितंबर तक चुनाव आयोग के कैंप में शिकायत कर अपना नाम लिस्ट में जुड़वा सकते हैं।

दोपहर तीन बजे ड्रॉफ्ट मतदाता सूची चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी गई। यहां से आम लोग भी ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट देख सकते हैं और अपने नाम की जांच कर सकते हैं। अगर किसी का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो उसके पास लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका है।

बिहार चुनाव: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है नाम तो क्या करें? मतदाता सूची देखने का तरीका भी जानिए

 

क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिपोर्ट?

चुनाव आयोग ने बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन करने का फैसला किया है। इस प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में शामिल सभी लोगों का सत्यापन किया जाता है। इससे मतदाता सूची में मौजूद गड़बड़ियों को कम करने में मदद मिलती है। जिन लोगों का निधन हो चुका है या जो लोग स्थायी तौर पर किसी दूसरी जगह पलायन कर चुके हैं, उनके नाम मतदाता सूची से हट जाते हैं।

अक्टूबर-नवंबर में होंगे चुनाव

बिहार में नीतीश कुमार की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 22 नवंबर तक है। इससे पहले यहां विधानसभा चुनाव पूरे होने हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि यहां अक्टूबर और नवंबर के महीने में मतदान होंगे। चुनाव आयोग ने अब तक चुनावों का नोटिफिकेशन नहीं जारी किया है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावों का ऐलान होने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया एक सितंबर को पूरी होगी।

विपक्ष कर रहा विरोध

विपक्षी दल लगातार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का विरोध कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने के आरोप लगाए हैं। कई नेताओं का कहना है कि लोगों का नाम जबरन मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है। इसी वजह से चुनाव आयोग ने ड्रॉफ्ट वोटिंग लिस्ट पहले राजनीतिक दलों को भेजी है। इसके बाद इसे आम लोगों के लिए जारी किया जाएगा। जिन लोगों का नाम सूची में नहीं होगा। उनको नाम जुड़वाने के लिए समय दिया जाएगा। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार होगी और चुनाव होंगे।

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