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बिहार: PMCH समेत कई अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा ठप, हमले के विरोध में डॉक्टरों ने लिया फैसला

 Reported By: Nitish Chandra Edited By: Malaika Imam
 Published : Aug 15, 2024 09:26 pm IST,  Updated : Aug 15, 2024 11:22 pm IST

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हमले के बाद देशभर में डॉक्टरों के बीच आक्रोश बढ़ गया है। देर रात हुए हमले के विरोध में PMCH समेत अन्य मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने रात 10 बजे से ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी सेवा भी ठप करने का फैसला लिया।

डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च- India TV Hindi
डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 14 और 15 अगस्त की दम्यानी रात हिंसा और तोड़फोड़ हुई। इस हिंसा से कोलकाता में जहां तनाव का माहौल है, तो वहीं देशभर में डॉक्टरों के बीच आक्रोश बढ़ गया है। देर रात हुए हमले के विरोध में बिहार की राजधानी पटना के NMCH और PMCH समेत अन्य मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने गुरुवार रात 10 बजे से ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी सेवा भी ठप करने का फैसला लिया। अभी थोड़ी देर पहले PMCH के डॉक्टर्स ने कैंडेल मार्च भी निकाला।

अस्पताल में तोड़फोड़ के मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें क आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में ट्रेन डॉक्टर के साथ हुई रेप और मर्डर की वारदात के विरोध में बुधवार रात देशभर में कई जगहों पर 'रिक्लेम द नाइट' नाम का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसका मतलब रात पर अपना अधिकार हासिल करना है। इस प्रदर्शन को आजादी की आधी रात में महिलाओं की आजादी की खातिर प्रदर्शन का नाम दिया गया। देखते ही देखते कोलकाता में आयोजित विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। 

इमरजेंसी बिल्डिंग में बैरिकेड तोड़कर घुसी उग्र भीड़

यहां आधी रात को हालात उस वक्त बिगड़ गए जब उग्र भीड़ हॉस्पिटल की इमरजेंसी बिल्डिंग में बैरिकेड तोड़कर घुस गई। रात करीब 12 बजे अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की गई। डॉक्टरों के साथ मारपीट की गई। अस्पताल परिसर में जिस जगह प्रदर्शनकारी डॉक्टर धरना दे रहे थे, उस जगह पर भी उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की और कुर्सियां तोड़ी गईं, पंखे तोड़ दिए। इमरजेंसी वॉर्ड के अंदर शायद ही कुछ बचा हो। खिड़की, बेड से लेकर तमाम मेडिकल इक्विपमेंट तक सबकुछ तहस-नहस कर दिया गया। यहां तक कि अस्पताल के अंदर बने पुलिस बैरक को भी भीड़ ने तोड़ दिया।

भीड़ ने अचानक अस्पताल पर हमला बोल दिया

अस्पताल के बाहर पहले इंसाफ की मांग को लेकर नारे लगे और फिर देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोग इक्ट्ठा हो गए। इस भीड़ ने अचानक अस्पताल पर हमला बोल दिया। उस इमरजेंसी बिल्डिंग पर भी हमला किया गया, जहां महिला डॉक्टर के साथ रेप हुआ और उसकी हत्या की गई। जिस इमारत के कोने-कोने में वारदात के सबूत छिपे हुए थे, उसी इमारत को देर रात तहस-नहस कर दिया गया। पुलिस ने उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल गए। तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अभी तक 9 लोगों तक पहुंच पाई है।

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