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बृज बिहारी हत्याकांड: दोषी पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला को बड़ा झटका, उम्रकैद की सजा बरकरार

 Reported By: Atul Bhatia Edited By: Malaika Imam
 Published : May 15, 2025 11:31 am IST,  Updated : May 15, 2025 12:35 pm IST

बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद के हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोषी मुन्ना शुक्ला की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है।

दोषी पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला- India TV Hindi
दोषी पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्ली: बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड के दोषी पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मुन्ना शुक्ला की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने सजा पर पुनर्विचार करने की याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद पर फिर से विचार करने से इनकार कर दिया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को अपने फैसले में कहा था कि पुनर्विचार का कोई केस नहीं बनता।

दरअसल, पिछले साल जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने हाई कोर्ट के बरी करने के फैसले को रमा देवी की याचिका पर पलट दिया था। मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में वकील नमित सक्सेना के माध्यम से मुन्ना शुक्ला ने आदेश पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।

1998 में दिनदहाड़े हुई थी हत्या

बता दें कि बृज बिहारी प्रसाद बिहार के दिग्गज नेता थे। 1998 में दिनदहाड़े उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त वे बिहार सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री थे। बृज बिहारी प्रसाद इंजीनियरिंग एडमिशन घोटाले में आरोपी थे। गिरफ्तारी के बाद तबीयत खराब होने पर उन्हें पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान केंद्र में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में शाम की सैर के दौरान उन्हें गोली मार दी गई थी।

8 आरोपियों को हुई थी उम्रकैद की सजा

इस मामले में बिहार के बाहुबली सूरजभान सिंह और मुन्ना शुक्ला समेत 8 आरोपियों को 2009 में निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन 2014 में पटना हाई कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया था। बीजेपी की पूर्व सांसद एवं बृज बिहार प्रसाद की पत्नी रमा देवी और सीबीआई ने साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को बरी करने के हाई कोर्ट के 2014 के आदेश को चुनौती दी थी। 4 अक्टूबर, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने इस बड़े हत्याकांड में मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को उम्र कैद की सजा बरकरार रखा था।

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