बिहार के मधेपुरा जिले में फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर एक ठेकेदार से करीब 34 लाख 74 हजार रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी बोर्ड लगी कार और मोबाइल भी जब्त किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्नी कुमार राय और उसकी पत्नी श्रद्धांजलि देवी के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से भोजपुर जिले के पीरो थाना क्षेत्र के अंगिया गांव के निवासी हैं, जबकि वर्तमान में पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के दौलतपुर बिलाप टोला में रह रहे थे।
सदर थाना क्षेत्र के पश्चिमी बायपास रोड, वार्ड-9 निवासी ठेकेदार नारायण यादव ने 8 फरवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में सिंहेश्वर में आयोजित कथावाचक प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात आरोपियों से हुई थी। कार्यक्रम में एक वीआईपी वाहन पर “प्रधान सचिव सह मिशन निदेशक, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार” का बोर्ड लगा हुआ था। वाहन में एक महिला और कथित बॉडीगार्ड मौजूद थे। बातचीत के दौरान सन्नी कुमार राय ने खुद को बॉडीगार्ड बताते हुए महिला और उसके पति को आईएएस अधिकारी बताया।
ठेके का झांसा देकर ऐंठे लाखों रुपये
नारायण यादव के ठेकेदार होने की जानकारी मिलने पर सन्नी ने उन्हें सरकारी ठेका दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा। इसी दौरान सन्नी ने अलग-अलग माध्यमों से नारायण से करीब 34.74 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
जब लंबे समय तक कोई ठेका नहीं मिला तो नारायण यादव ने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इसी दौरान जब सन्नी मधेपुरा आया, तो उसने पैसे मांगने पर नारायण के साथ मारपीट की और उसका आईफोन छीनकर फरार हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी संदीप सिंह के निर्देश पर एसएसपी प्रवेंद्र भारती के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पटना से गिरफ्तार कर लिया।
पत्नी बनती थी फर्जी IAS, पति बनता था बॉडीगार्ड
जांच में सामने आया कि श्रद्धांजलि देवी फर्जी आईएएस अधिकारी बनती थी, जबकि सन्नी उसका बॉडीगार्ड बनकर लोगों को झांसा देता था। दोनों अपनी कार (नंबर BR01HN4786) पर फर्जी सरकारी बोर्ड लगाकर लोगों को सरकारी काम दिलाने का भरोसा दिलाते और ठगी करते थे।
(रिपोर्ट- मनीष कुमार)
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