मधुबनी: मधुबनी कलेक्ट्रेट को नीलाम करने का आदेश कोर्ट ने दिया है। अदालत ने मधुबनी कलेक्ट्रेट को नोटिस जारी कर अधिकारियों से कहा है कि वे कोलकाता स्थित राधे कृष्ण एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 15 दिनों के भीतर 4.17 करोड़ रुपये का भुगतान करें, अन्यथा इसकी अचल संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। अदालत के आदेश के बाद मधुबनी कलेक्ट्रेट को एक नोटिस मिला, जिसमें कहा गया था कि इसके परिसर को 15 दिनों के भीतर नीलाम किया जा सकता है। कलेक्ट्रेट में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य शीर्ष जिला अधिकारियों के कार्यालय हैं।
मधुबनी कलेक्ट्रेट पर 4 करोड़ 17 लाख रुपये बकाया
मधुबनी कोर्ट के आदेश के बाद मधुबनी कलेक्ट्रेट के गेट पर एक नोटिस चिपका दिया गया है। मधुबनी कलेक्ट्रेट पर ब्याज सहित 4 करोड़ 17 लाख रुपये बकाया है। नोटिस में लिखा है कि कोलकाता स्थित डिक्री-धारक राधाकृष्ण एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 15 दिनों के भीतर भुगतान किया जाना चाहिए। मामला पंडौल प्रखंड स्थित पंडौल सहकारी कताई मिल से जुड़ा है।
जाने पूरा मामला
अगस्त 2014 में हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश माननीय घनश्याम प्रसाद ने मेसर्स राधाकृष्ण एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रतन कुमार केडिया बनाम सहकारी कताई मिल पंडौल, बिहार सरकार व अन्य मामले में आदेश पारित किया था। आदेश में प्रतिवादियों को 28.90 लाख रुपये अग्रिम भुगतान, 2.70 लाख रुपये मुआवजा व 1.80 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च के रूप में देने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय के अंदर भुगतान न करने पर 18 फीसदी ब्याज भी देने का आदेश दिया था।

कंपनी ने 2016 में दर्ज कराया था मामला
आदेश का पालन नहीं होने पर कंपनी ने अनुपालन कराने के लिए 2016 में मधुबनी कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। सहकारी कताई मिल सरकारी प्रबंधन के अधीन थी और 1997 में बंद हो गई थी। उस समय कंपनी व मिल अधिकारियों के बीच समझौता हुआ था कि सरकार मिल का संचालन करेगी और कंपनी पूंजी व कच्चा माल उपलब्ध कराएगी। अगर 2014 में 33.44 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया होता तो यह राशि बढ़कर 4.17 करोड़ रुपए नहीं होती और कलेक्ट्रेट की नीलामी से बचा जा सकता था। हालांकि, अधिकारी इस मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
इनपुट- एएनआई