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राज्यसभा चुनाव: ओवैसी-मायावती के समर्थन के बगैर एक भी सीट जीत नहीं पाएगी आरजेडी, 5वीं सीट की लड़ाई हुई दिलचस्प

Reported By : Nitish Chandra Edited By : Mangal Yadav Published : Feb 19, 2026 11:01 am IST, Updated : Feb 19, 2026 11:14 am IST

बिहार के राज्यसभा चुनाव में पांचवी सीट पर लड़ाई रोचक हो गई है। चार सीट एनडीए आसानी से जीत सकती है जबकि पांचवी सीट पर महागठबंधन और एनडीए के बीच मुख्य लड़ाई है।

असदुद्दीन ओवैसी और तेजस्वी यादव। फाइल- India TV Hindi
Image Source : PTI असदुद्दीन ओवैसी और तेजस्वी यादव। फाइल

पटनाः राज्यसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी के पांच विधायक और मायावती की बसपा के एक विधायक तय करेंगे कि राज्यसभा की बिहार से खाली हो रही पांच सीटों में से इस बार एक भी सीट तेजस्वी यादव को मिल सकेगी या नहीं। अगर बसपा और एआईएमआईएम के विधायक आरजेडी को समर्थन नहीं देंगे तो लालू यादव की पार्टी एक भी उम्मीदवार को जीत नहीं दिला पाएगी। 

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायक जरुरी

दरअसल, बिहार में राज्यसभा की एक सीट के लिए 41 विधायकों का वोट जरूरी है। बिहार के 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के कुल 202 विधायक हैं। ऐसे में एनडीए की चार सीट पर जीत तय मानी जा रही है, जबकि महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। यदि ओवैसी के पांच और बीएसपी के एक विधायक का साथ मिलता है तभी 41 विधायक विपक्ष जुटाकर अपनी एक सीट पक्की कर सकेगा। हालांकि चौथी सीट जीतने के बाद एनडीए के पास 38 वोट बच जायेंगे। इस तरह पांचवीं सीट के लिए एनडीए को सिर्फ तीन अतिरिक्त वोट का जुगाड़ करना होगा। ऐसे में पांचवी सीट की लड़ाई दिलचस्प होगी। 

ये सांसद हो रहे हैं रिटायर

बता दें कि बिहार की जो पांच सीटें खाली हो रही हैं उनमें आरजेडी से अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता हैं जबकि जेडीयू से रामनाथ ठाकुर, हरिवंश नारायण सिंह और रालोमा से उपेंद्र कुशवाहा हैं। एनडीए के खाते में चार सीटें जानी लगभग तय है। मुख्य लड़ाई पांचवी सीट को लेकर है। इस बात की संभावना ज्यादा है कि एनडीए पांचवी सीट भी जीतने के लिए पूरी कोशिश करेगी।

16 मार्च को होगा मतदान

बिहार में संख्या बल के हिसाब से राज्यसभा की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव में विपक्ष को एक भी सीट पर जीत मिलने की संभावना नहीं है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू होगी और मतदान 16 मार्च को होगा। पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटें मिली थीं, जबकि आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के गठबंधन को कुल मिलाकर 35 सीटों पर ही सिमटना पड़ा था।

हालांकि, राज्यसभा की जिन पांच सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से फिलहाल कोई भी भाजपा के पास नहीं है, जबकि 89 विधायकों के साथ वह विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी है। दो सीटें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पास हैं। 

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