1. Hindi News
  2. बिहार
  3. रोहतास में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, दोषी को फांसी की सजा

रोहतास में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, दोषी को फांसी की सजा

 Published : Jul 11, 2026 08:20 pm IST,  Updated : Jul 11, 2026 08:20 pm IST

रोहतास में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। मामले में दोषी बलिराम सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। 11 गवाहों और ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने इस अपराध को दुर्लभतम श्रेणी का मानते हुए दोषी के लिए कड़ी सजा तय की।

Rohtas Rape Case, Minor Murder Case, Rohtas Rape Case Death Penalty- India TV Hindi
रोहतास दुष्कर्म मामले में कोर्ट का फैसला Image Source : FILE PHOTO

रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 श्री अरविन्द की अदालत ने ऐतिहासिक एवं कठोर फैसला सुनाया। अदालत ने इस जघन्य अपराध को 'दुर्लभतम श्रेणी' (Rarest of Rare) का मामला मानते हुए एकमात्र दोषी बलिराम सिंह को फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ ही न्यायालय ने पीड़िता की मां को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का भी आदेश दिया।

 11 गवाहों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध 

मामले में विशेष लोक अभियोजक हीरा प्रताप सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई। इसके अतिरिक्त पुलिस द्वारा संकलित वैज्ञानिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सभी गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों तथा परिस्थितियों का गहन परीक्षण करने के बाद अदालत ने अभियुक्त बलिराम सिंह को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई के उपरांत शुक्रवार को अदालत ने दोषी को मृत्युदंड सुनाते हुए इसे समाज के लिए नजीर बताया।

 खिलौना देने का झांसा देकर ले गया था घर 

अभियोजन के अनुसार, घटना 15 नवंबर 2020 की है। उस दिन बलिराम सिंह ने गांव की लगभग 10 वर्षीय मासूम बच्ची को खिलौना देने का लालच देकर अपने घर बुलाया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में पहचान उजागर होने तथा पकड़े जाने के भय से उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।

काठ के बक्से में छिपाया था शव 

दुष्कर्म और हत्या के बाद भी आरोपी नहीं रुका। उसने अपने अपराध को छिपाने के उद्देश्य से बच्ची के शव को घर के भीतर एक काठ के बक्से में छिपा दिया और स्वयं गांव के ही दूसरे घर में जाकर छिप गया। इस बीच बच्ची के परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे और पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

 प्रत्यक्षदर्शी के बयान से खुला मामला 

जांच के दौरान गांव के एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसने घटना के दिन बलिराम सिंह को बच्ची के साथ जाते हुए देखा था। इस महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर में रखे काठ के बक्से से मासूम बच्ची का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।

 अदालत ने माना दुर्लभतम अपराध 

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अपराध की प्रकृति, पीड़िता की कम आयु, अपराध की क्रूरता तथा आरोपी के आचरण को अत्यंत गंभीर माना। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि ऐसा जघन्य अपराध समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला है और यह दुर्लभतम श्रेणी में आता है। इसलिए दोषी को मृत्युदंड दिया जाना न्यायहित एवं समाजहित में आवश्यक है।

 परिजनों ने फैसले पर जताया संतोष 

फैसला सुनाए जाने के बाद पीड़िता के परिजनों ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया। परिजनों ने कहा कि उनकी मासूम बच्ची तो वापस नहीं आ सकती, लेकिन अदालत द्वारा दोषी को फांसी की सजा दिए जाने से उन्हें न्याय मिलने का एहसास हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई समाज में भय पैदा करेगी और भविष्य में इस प्रकार के जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध होगी।

(रोहतास से रंजन सिंह की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ेंः एक बारिश में नगर निगम की खुली पोल, बेगमपुर मंडई इलाके में पानी भरने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।