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छत्तीसगढ़ में 'सुशासन तिहार 2026' की शुरुआत, शिकायतों का समाधान करने घर-घर आएंगे अधिकारी

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : May 01, 2026 11:36 pm IST,  Updated : May 01, 2026 11:38 pm IST

छत्तीसगढ़ सरकार ने "सुशासन तिहार 2026" नामक अभियान शुरू की है। इसका उद्देश्य जनता की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय - India TV Hindi
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय। फाइल Image Source : PTI

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार शुक्रवार से "सुशासन तिहार 2026" अभियान शुरू की है। यह पूरे राज्य में चलाया जाने वाला अभियान है, जिसका मकसद प्रशासन को सीधे लोगों तक पहुंचाकर उनकी शिकायतों का जल्द और असरदार तरीके से निपटारा करना है। अभियान 10 जून तक चलेगा, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर शिकायत निवारण शिविर लगाए जाएंगे।

अधिकारी खुद आएंगे जनता के द्वार

एक अदिकारी ने कहा कि गांवों और शहरों में प्रशासन लोगों तक पहुंचने का एक अनोखा तरीका अपना रहा है। अब नागरिकों को चिलचिलाती गर्मी में सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि अधिकारी खुद उनके दरवाज़े तक पहुंचेंगे। इस पहल का मकसद शासन को लोगों के और करीब लाना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिकायतों को न सिर्फ सुना जाए, बल्कि उनका मौके पर ही समाधान भी किया जाए।

घर-घर जाकर मौके पर होगा समाधान

 इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से लेकर ज़िला कलेक्टर तक पूरा प्रशासनिक अमला ज़मीन पर सक्रिय रूप से मौजूद रहेगा। घर-घर जाकर और विशेष शिविरों में आवेदनों पर मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी, फाइलें तुरंत तैयार की जाएंगी और बिना किसी देरी के समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान ही सुशासन की असली नींव है।  

सीएम, विधायक, सांसद और बड़े अधिकारी करेंगे शिविरों का दौरा

अधिकारी ने आगे बताया कि इन शिविरों में न सिर्फ आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, बल्कि पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। साथ ही, सभी मामलों का समाधान ज़्यादा से ज़्यादा एक महीने के भीतर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी नियमित रूप से इन शिविरों का दौरा करेंगे, नागरिकों से बातचीत करेंगे और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इस पहल की एक अहम खासियत मुख्यमंत्री के अचानक किए जाने वाले दौरे होंगे। वे विभिन्न ज़िलों का दौरा करेंगे, विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे और ग्रामीणों से सीधे बातचीत करके उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करेंगे।

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