रायपुर: रायपुर में अंडा बेचने से तोमर ब्रदर्स ने शुरुआत की थी। एक का नाम रोहित है तो दूसरे का नाम वीरेंद्र। अंडे की रेहड़ी लगाने के कुछ दिनों बाद ये लोग ऑटो चलाने लगे और फिर देखते ही देखते हिस्ट्रीशीटर की लिस्ट में रोहित तोमर टॉप पर पहुंच गया। करनीसेना का अध्यक्ष बन वीरेंद्र तोमर और उसके भाई रोहित तोमर का आतंक रायपुर ही नही बल्कि कई और शहरों में फैला हुआ था। अवैध सूदखोरी के धंधे में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जमीन हड़पने का आरोप है। पुलिस ने अब इन दोनों पर शिकंजा कस दिया है।
हिस्ट्रीशीटर तोमर ब्रदर्स पिछले 5 दिनों से फरार है। पुलिस ने 37 लाख कैश समेत करोड़ों के जमीन के दस्तावेज जब्त किए हैं। तोमर ब्रदर्स पर ब्लैकमेलिंग, एक्सटॉर्शन, मारपीट, जमीन कब्ज़ाने जैसे कई संगीन अपराध दर्ज हैं। पिछले दिनों रोहित तोमर ने रायपुर के एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ मारपीट की थी। डीलर ने रोहित तोमर के खिलाफ केस दर्ज कराया। इसके बाद से तोमर ब्रदर्स का काला साम्राज्य पुलिस के रडार पर आया। रोहित और वीरेंद्र दोनों भाई फरार हैं। पुलिस ने इनके घर से हथियार कैश जमीन के कागज गैजेट नोट गिनने की मशीन महंगी गाड़ियां बरामद की है।
एक साल पहले रायपुर के हाइपर क्लब गोलीकांड में पुलिस ने रोहित तोमर को अरेस्ट किया था। उस समय अपराधियों के साथ परेड निकाली गई थी। वीरेंद्र और रोहित तोमर के आलीशान घर पर छापेमारी में करोड़ों का माल जब्त हुआ है। 37 लाख 10 हजार रुपये कैश, 734 ग्राम सोने के जेवर, 125 ग्राम चांदी के जेवरात, BMW , थार, फॉर्च्यूनर कार मारुति ब्रेज़ा कार, ई स्टाम्प, ज़मीनों के कागजात, नोट गिनने की मशीन , अवैध रूप से रखी 5 तलवारें, 1 रिवाल्वर, 1 पिस्टल और ज़िंदा कारतूस बरामद हुए हैं.. पुलिस अब दोनों भाईयों की तलाश कर रही है।
यह पहली बार नहीं है जब पुलिस के पास तोमर ब्रदर की शिकायत पहुंची हो। कारोबारी को जान से मारने और मारपीट करने की शिकायत के पहले कई बार पुलिस को इन दोनों भाइयों की शिकायतें मिल चुकी हैं। इन दोनों भाइयों ने कई सराफा कारोबारी और बिल्डर को अपने चंगुल में फंसा रखा था। पुलिस का शिकंजा कसने के बाद अब धीरे-धीरे फरियादी पुलिस के सामने आ रहे हैं।
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