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छत्तीसगढ़: निलंबित IAS समीर विश्नोई, रानू साहू समेत 6 आरोपी जेल से रिहा, क्यों हुई थी गिरफ्तारी? जानिए पूरा मामला

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : May 31, 2025 04:46 pm IST,  Updated : May 31, 2025 04:47 pm IST

आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई और रानू साहू, पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान सीएम दफ्तर में उप सचिव के रूप में तैनात रहीं सौम्या चौरसिया और तीन अन्य को जमानत मिलने के बाद आज रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया।

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प्रतिकात्मक तस्वीर Image Source : PTI

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सियासत से लेकर प्रशासन तक में खलबली मचा देने वाले कथित कोयला घोटाले मामले में आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, रानू साहू, सौम्या चौरसिया समेत कुल 6 आरोपी आज रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। इन लोगों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी जिसके बाद आज उन्हें रिहा कर दिया गया।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई और रानू साहू, पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान सीएम दफ्तर में उप सचिव के रूप में तैनात रहीं सौम्या चौरसिया और  तीन अन्य को जमानत मिलने के बाद आज रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। रिजवी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कुल आठ लोगों को अंतरिम जमानत दी है। उनमें से अब तक छह लोगों को रिहा कर दिया गया है, जबकि दो अन्य सूर्यकांत तिवारी और निखिल चंद्राकर को उनके खिलाफ चल रहे अन्य मामलों के कारण रिहा नहीं किया गया है।

क्या था मामला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, सीनियर ब्यूरोक्रेट्स, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों से जुड़े एक गिरोह द्वारा राज्य में ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले प्रत्येक टन कोयले पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध उगाही की जा रही थी। एजेंसियों के मुताबिक सूर्यकांत तिवारी जैसे निजी व्यक्तियों और सौम्या चौरसिया, समीर विश्नोई जैसे राज्य सरकार के पदाधिकारियों, राज्य खनन अधिकारियों के एक गिरोह ने कुछ राजनीतिक लोगों के समर्थन से कथित तौर पर खनिज ट्रांसपोर्ट में जानबूझकर नीतिगत बदलाव किए। जांच एजेंसियों की मिली डायरियों के अनुसार, जुलाई 2020 और जून 2022 के बीच कोयला कार्टेल द्वारा 540 करोड़ रुपये उगाहे गए।

कब हुई थी गिरफ्तारी?

वर्ष 2022 से कथित कोयला वसूली घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच ईडी कर रही थी। ईडी ने अक्टूबर 2022 में समीर विश्नोई को और उसी साल दिसंबर में सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। ईडी ने रानू साहू को जुलाई 2023 में गिरफ्तार किया था। रिजवी ने कहा कि तीनों अधिकारियों को कथित कोयला शुल्क घोटाले से संबंधित दो मामलों में अंतरिम जमानत दी गई है। 

इन शर्तों के साथ मिली जमानत

बृहस्पतिवार (29 मई) को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने अंतरिम जमानत देते हुए आरोपियों पर कई शर्तें लगाईं और राज्य सरकार से गवाहों में भरोसा पैदा करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। बेंच ने कहा कि आरोपी रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी, समीर विश्नोई और सौम्या चौरसिया को निर्देश दिया जाता है कि वे अगले आदेश तक छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे, सिवाय इसके कि वे जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसी या निचली अदालत से सामने उपस्थित रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि आरोपियों को रिहा होने के एक सप्ताह के भीतर उस थाने को अपने निवास का पता देना होगा जिसके क्षेत्राधिकार में वह छत्तीसगढ़ के बाहर रह रहे होंगे। (इनपुट-पीटीआई)

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