भोपाल: स्टेट साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के अंतर्राष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। रैकेट में पाकिस्तानी, चीनी दो मास्टरमाइंड दोनों आरोपियों की पुलिस की तालाश है। किरप्टो करेंसी के जरिए पाकिस्तान पैसे भेजे जा रहे थे। अप्रैल-मई मंथ में 50 करोड़ का ट्रांजैक्शन किया गया था। आरोपी भारतीय नागरिकों के नाम पर फर्जी कंपनी बनाते थे। रैकेट में पाकिस्तानी, चीनी, दो आरोपी मास्टरमाइंड रजिस्टर्ड CA, CS समेत व्यवसायी शामिल है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा है जबकि 2 से ज्यादा आरोपी अभी फरार है जिसकी पुलिस तलाश में जुटी है। इस मामले में 60 डिजिटल सिग्नेचर शेल फर्म के निर्देशकों के 3 लेपटॉप, 4 पेनड्राइव, 1 मोबाइल फोन, किरप्टो ट्रेडिंग स्टेटमेंट समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए है।
गिरफ्तार आरोपी:
- ऐविक केडिया निवासी गुड़गांव, हरियाणा चार्टर्ड एकाउंटेंट गुड़गांव, हरियाणा भूमिका- फर्म रजिस्टर कराकर बैंक में चालू खाता खुलवाना, फर्म व खाते की डिटेल संदिग्ध चाईनीज को उपलब्ध कराना।
- डॉली मखीजा निवासी दिल्ली। व्ययसाय कम्पनी सेक्रेटरी। भूमिका- रिश्तेदारों के नाम पर फर्म बनाकर तथा चालू खाता खुलवाकर संदिग्ध व्यक्तियों को धोखाधड़ी की राशि प्राप्त करने हेतु उपलब्ध कराना।
- दिलीप पटेल निवासी राजकोट, गुजरात। शिक्षा- बीसीए, प्रायवेट नौकरी । भूमिका- राजकोट की फर्म विक्टेक प्रायवेट लिमिटेड में प्राप्त राशि को बैंक से आहरित कर अन्य खातों में हस्तांतरित करना, स्वय के खाते में राशि प्राप्त कर वजीरएक्स में किप्टो में ट्रांसफर करना, धोखाधड़ी हेतु ई मेल बनाया जाना।
- विक्की मखीजा निवासी दिल्ली। व्ययसाय प्रायवेट नौकरी। भूमिका- फर्म के खाते में डायरेक्टर बनना व इन फर्मों को बेचकर राशि प्राप्त करना।
फरार आरोपी:
1. विजय छुटलानी (मुम्बई) 2. विजय हरियानी (राजकोट)
अन्य अज्ञात जप्त सामग्री:
- 60 डिजीटल सिग्नेचर (DSCs) शेल फर्म के निदेशकों के
- 03 नग लेपटॉप
- 04 नग पैन ड्राईव
- 01 नग मोबाईल फोन
- क्रिप्टो ट्रेडिंग स्टेटमेन्ट
- शेल फर्म से संबंधित दस्तावेज, शेल फर्म की सूची, विभिन्न लोगों के आधार कार्ड व पैन कार्ड 7- 01 नग HDFC डेबिट कार्ड 04 नग HDFC व ICICI बैंक की चैक-बुक अपराध से संबंधित अन्य दस्तावेज।