प्रयागराज: प्रयागराज की करेली पुलिस ने ऐनुद्दीनपुर मे ठेकेदार सलाउद्दीन हत्याकांड की हत्याकांड में चौंकानेवाला खुलासा किया है। सलाउद्दीन क़ो किसी और ने नहीं बल्कि उसके दामाद सद्दाम ने ही मौत के घाट उतारा था। हत्या की इस वारदाता को अंजाम देने के लिए उसने 60 फिट रोड से दो मज़दूरों क़ो भी साथ लिया था। उसने मजदूरों से कहा था कि दो घंटे का काम है।
काम देने के बहाने बुलाया और कर दी हत्या
मजदूरों को बुलाने के बाद सद्दाम ने एक पुराने सिम क़ो रिचार्ज करके अपने ससुर क़ो एक प्लाट पर निर्माण कराने का काम देने के बहाने बुलाया और जैसे ही वो अंदर गया सद्दाम ने हथौड़े से उसके सर पर वार कर दिया। सलाउद्दीन ज़ब बेहोश होकर गिरा तो सद्दाम ने चाकू से उसके पेट में इतने वार किये कि चाकू ही टेढ़ा हो गया। वारदात के बाद सद्दाम ने दोनों मज़दूरों क़ो 60 फिट रोड पर छोड़ कर अपने एयरपोर्ट इलाके वाले घर चला गया।
करेली थाने के प्रभारी राजेश मौर्या ने ज़ब हर ऐगल पर जांच की तो पता चला कि ससुर और दामाद में पुरानी दुश्मनी थी। फिर पुलिस ने उस नंबर क़ो ट्रेस किया जिससे सद्दाम ने सलाउद्दीन कॉल किया था। पुलिस ने उसको घर से गिरफ्तार कर लिया.और पूरी घटना का खुलासा हो गया।
दरअसल, सद्दाम की शादी सलाउद्दीन की बड़ी बेटी निशा बानो से हुई थी। उसके दो बच्चे भी थे लेकिन बीमारी से निशा की मौत होने के बाद सलाउद्दीन ने अपनी छोटी बेटी तुबा से सद्दाम की दूसरी शादी करा दी। शादी के बाद सद्दाम सऊदी चला गया और पैसा अपने ससुर क़ो भेजता रहा लेकिन बीमार होने की वजह से वो सऊदी से वापस आ गया जिससे सद्दाम का ससुर नाराज़ रहने लगा और पत्नी और बच्चों से नहीं मिलने देता था जिसकी वजह से दोनों के रिश्तों में खटास बढ़ती चली गई और इसी वजह से सद्दाम ने हत्या की साजिश रची और वारदात क़ो अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल किए गए हथौड़े और चाकू को बरामद कर लिया हैं। वहीं इस वारदात को अंजाम देने कि लिए जिन मजदूरों को हायर किया था उनकी तलाश की जा रही है।