लालच इंसान से कोई भी गलती करवा सकता है और ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है ओडिशा के कालाहांडी जिले के नर्ला थाना क्षेत्र के रूपारोड से। यहां एक बेटे ने पैसे ऐंठने के लिए खुद को नकली नक्सली बताकर अपने ही पिता को धमकी भरा पत्र भेज दिया।
नक्सली संगठन के नाम से भेजी चिट्ठी
जानकारी के अनुसार, रूपारोड के ठेकेदार दिनेश अग्रवाल के 24 वर्षीय बेटे अंकुश अग्रवाल ने अपने पिता से पैसे वसूलने के लिए एक अजीब और खतरनाक तरीका अपनाया। 6 अक्टूबर को उसने नक्सली संगठन के नाम से एक चिट्ठी लिखी और उसे अपने ही पिता की कार में रख दिया। चिट्ठी में लिखा था, “35 लाख रुपये तुरंत दो, नहीं तो तुम्हारे परिवार के सभी सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा।” इतना ही नहीं, अंकुश ने अपने पिता के एक दोस्त को भी इसी तरह की धमकी भरी चिट्ठी भेजी ताकि मामला असली लगे।
यह चिट्ठी मिलते ही दिनेश अग्रवाल और उनके परिवार की हालत खराब हो गई। सभी डर और तनाव में आ गए। चिठ्ठी को असली नक्सलियों की लिखी हुई समझकर पिता ने तुरंत पुलिस की शरण ली और पूरे मामले की शिकायत नर्ला थाना में दर्ज कराई।
ऐसे खुला राज
पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआत में मामला काफी गंभीर माना जा रहा था क्योंकि नक्सलियों द्वारा धमकी देने की घटनाएं पहले भी इस इलाके में हुई थीं। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी, तो सच्चाई किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं निकली। पुलिस ने शक के आधार पर एक युवक को हिरासत में लिया और पूछताछ के दौरान सारा राज खुल गया। अंकुश अग्रवाल ने पुलिस के सामने खुद स्वीकार किया कि उसने ही यह धमकी पत्र लिखा था और पिता को डराकर पैसे वसूलने की योजना बनाई थी।
केसिंगा एसडीपीओ संदीप माझी ने बताया, “7 अक्टूबर को हमें रिपोर्ट मिली थी कि एक व्यक्ति के घर में नक्सलियों द्वारा लिखी गई धमकी भरी चिट्ठी मिली है। जांच के दौरान एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि वही चिट्ठी का लेखक है। वह व्यक्ति और कोई नहीं बल्कि शिकायतकर्ता का खुद का बेटा है।”
पुलिस ने अंकुश अग्रवाल को किया गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने अंकुश अग्रवाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामला भले ही पारिवारिक विवाद से जुड़ा हो, लेकिन चूंकि इसमें नक्सलवादी संगठन का नाम गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है, इसलिए इसे गंभीर अपराध माना गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बेटे ने यह योजना अकेले बनाई थी या किसी और की सलाह पर।
(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)
यह भी पढ़ें-
इंदौर में 22 किन्नरों ने एक साथ पी लिया फिनाइल, क्या है घटना की असली वजह?