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7 महीने में लापता हुए 8 हजार लोग! नहीं मिल रहा सुराग, राजधानी दिल्ली से आई हैरान करने वाली रिपोर्ट

 Published : Jul 23, 2025 11:35 pm IST,  Updated : Jul 23, 2025 11:36 pm IST

रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष एक जनवरी से 23 जुलाई के बीच लापता हुए 7,880 से अधिक लोगों का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इनमें 4,753 महिलाएं और 3,133 पुरुष शामिल हैं।

Delhi Police- India TV Hindi
दिल्ली पुलिस Image Source : PTI

नई दिल्ली: जनवरी से लेकर जुलाई महीने के बीच अब तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से करीब 8 हजार लोग लापता हुए हैं जिनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले में लापता होनेवाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह जानकारी जोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क (जिपनेट) के आंकड़ों से मिली है। 

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लापता लोगों में सबसे ज्यादा महिलाएं

जिपनेट के मुताबिक इस वर्ष एक जनवरी से 23 जुलाई के बीच लापता हुए 7,880 से अधिक लोगों का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इनमें 4,753 महिलाएं और 3,133 पुरुष शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक बाहरी उत्तरी दिल्ली जिले में गुमशुदगी के सबसे अधिक 908 मामले दर्ज किये गए हैं, जो बवाना, स्वरूप नगर और समयपुर बादली जैसे इलाकों के हैं। रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली जिले में लापता लोगों की संख्या सबसे कम 85 है।  हाई सिक्योरिटी वाले नई दिल्ली क्षेत्र में तिलक मार्ग, चाणक्यपुरी और संसद मार्ग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

उत्तर पूर्वी जिले में 730 गुमुशुदगी के मामले 

आंकड़ों के मुताबिक उत्तर पूर्वी जिले में 730 मामले दर्ज किए गए, जो दूसरे स्थान पर है। इसके बाद दक्षिण पश्चिम जिले में 717, दक्षिण पूर्व जिले में 689 और बाहरी जिले में 675 मामले दर्ज किए गए। जिपनेट के मुताबिक द्वारका में 644, उत्तर पश्चिम जिले में 636, पूर्वी जिले में 577 और रोहिणी जिले में गुमशुदगी के 452 ऐसे मामले दर्ज किए गए। मध्य जिले में 363 लोगों का सुराग नहीं मिल पाया है, जबकि उत्तर, दक्षिण और शाहदरा जिलों में क्रमश: 348, 215 और 201 लोग अब भी लापता हैं।

1,486 अज्ञात शव मिले

आंकड़ों के मुताबिक एक जनवरी से 23 जुलाई के बीच 1,486 शव अज्ञात लोगों के मिले जिनमें से अधिकांश पुरुषों के थे। आंकड़ों के अनुसार, उत्तरी जिले में सबसे अधिक 352 शव मिले जिनकी शिनाख्त स्थापित नहीं हो सकी। इनमें कोतवाली, सब्जी मंडी और सिविल लाइंस जैसे इलाके शामिल हैं। इसी प्रकार मध्य जिले में 113, उत्तर पश्चिम में 93, दक्षिण पूर्व में 83, दक्षिण पश्चिम और उत्तर पूर्व में 73-73, बाहरी में 65, पूर्व और नई दिल्ली में 55-55, पश्चिम और बाहरी उत्तर में 54-54, रोहिणी में 44, शाहदरा में 42, द्वारका में 35, दक्षिण में 26 और रेलवे में 23 शव मिले जिनकी शिनाख्त नहीं हो सकी। जिपनेट एक केंद्रीकृत डेटाबेस है जिसका इस्तेमाल कानून प्रवर्तन एजेंसियां लापता व्यक्तियों और अज्ञात शवों का पता लगाने के लिए करती हैं। यह डेटाबेस कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का डेटा संकलित करता है। (भाषा)

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