आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों के लिए 30 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के वास्ते नामांकन दाखिले की अंतिम तिथि से एक दिन पहले रविवार को अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इस सूची को पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंजूरी दी है।
खोई जमीन वापस पाने का एक मौका
चुनावों में आप और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है, जहां यह चुनाव ‘AAP’ के लिए दिल्ली नगर निगम में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने का एक मौका है, वहीं भाजपा के 250-सदस्यीय नागरिक निकाय में अपनी संख्या को और मजबूत करने पर ध्यान देगी।
दक्षिण पुरी से चुनाव लड़ेंगे राम स्वरूप कनौजिया
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राम स्वरूप कनौजिया को दक्षिण पुरी से, अनुज शर्मा को संगम विहार-ए से और ईशना गुप्ता को ग्रेटर कैलाश से चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, विनोद नगर से गीता रावत को और शालीमार बाग (बी) से बबिता अहलावत को 'AAP' का उम्मीदवार बनाया गया है।
विकास गोयल को अशोक विहार से उतारा गया
उपचुनाव के लिए सीता विकास गोयल को अशोक विहार, हर्ष शर्मा को चांदनी चौक और मुदस्सिर उस्मान कुरैशी को चांदनी महल से मैदान में उतारा गया है। इसके साथ ही राजबाला सहरावत द्वारका-बी से, अनिल लाकरा मुंडका से, राजन अरोड़ा नारायणा से और केशव चौहान दिचाऊ कलां से चुनाव लड़ेंगे।
| क्रमांक | AAP के उम्मीदवार | वार्ड |
| 1 | राम स्वरूप कनोजिया | दक्षिण पुरी |
| 2 | अनुज शर्मा | संगम विहार-ए |
| 3 | ईश्ना गुप्ता | ग्रेटर कैलाश |
| 4 | गीता रावत | विनोद नगर |
| 5 | बबिता अहलावत | शालीमार बाग-बी |
| 6 | सीमा विकास गोयल | अशोक विहार |
| 7 | हर्ष शर्मा | चांदनी चौक- वार्ड नंबर-74 |
| 8 | मुदस्सिर उस्मान कुरैशी | चांदनी चौक- वार्ड नंबर-76 |
| 9 | राजबाला शहरावत | द्वारका बी |
| 10 | अनिल लाकड़ा | मुंडका |
| 11 | रंजन अरोरा | नारायणा |
| 12 | नीतू केशव चौहान | दिचाओं कलां |
12 में से 9 पर था बीजेपी का कब्जा
दिल्ली एमसीडी उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 नवंबर है और दस्तावेजों की जांच 12 नवंबर को की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 15 नवंबर निर्धारित की गई है। इससे पहले 12 वार्डों में से नौ पर भाजपा का कब्जा था और शेष तीन पर आम आदमी पार्टी के पार्षद थे।
विधानसभा चुनाव के बाद खाली हुईं पार्षदी की सीटें
रेखा गुप्ता शालीमार बाग-बी वार्ड का प्रतिनिधित्व करती थीं, लेकिन इस साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव जीतने और दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया था। भाजपा की कमलजीत सहरावत के पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने द्वारका-बी वार्ड छोड़ दिया था। इस साल फरवरी में हुए विधानसभा चुनावों के बाद विभिन्न वार्ड खाली हो गए, क्योंकि वहां के मौजूदा भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षद विधायक बन गए थे। (भाषा के इनपुट के साथ)