नई दिल्लीः सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने क्लास 12 के उन स्टूडेंट्स के लिए अपना री-इवैल्यूएशन पोर्टल एक्टिवेट कर दिया है, जो अपने बोर्ड एग्जाम के मार्क्स का रिव्यू करवाना चाहते हैं। यह सुविधा अब उन स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपनी इवैल्यूएट की हुई आंसर शीट की स्कैन्ड कॉपी पहले ही ले ली हैं। एक्स हैंडल सीबीएसई ने कहा, “प्यारे स्टूडेंट्स, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल अब LIVE है। मार्क्स के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करने के स्टेप-बाय-स्टेप इंस्ट्रक्शन के लिए कृपया वीडियो ध्यान से देखें''।
स्टूडेंट्स ऑफिशियल पोर्टल के ज़रिए अपने एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। बोर्ड ने कहा है कि वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए विंडो 6 जून तक खुली रहेगी। पोर्टल को सोमवार को लाइव होना था लेकिन कल यह अंडर मेंटेनेंस दिखा रहा था। इससे पहले री-इवैल्यूएशन का प्रोसेस 29 मई से शुरू होना था लेकिन तकनीकी खामियों के कारण पोर्टल लॉन्च नहीं हो पाया था।
छात्रों को देने पड़ेंगे इतने चार्ज
एलिजिबल कैंडिडेट CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं, वे सवाल चुन सकते हैं जिन्हें वे चैलेंज करना चाहते हैं और ऑनलाइन पेमेंट प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। बोर्ड ने स्टूडेंट्स को एप्लीकेशन प्रोसेस आसानी से पूरा करने में मदद करने के लिए डिटेल्ड इंस्ट्रक्शन भी शेयर किए हैं। CBSE ने इस साल रिजल्ट के बाद रिव्यू प्रोसेस के लिए एक बदला हुआ फीस स्ट्रक्चर पेश किया है।
इवैल्यूएट की हुई आंसर बुक की स्कैन्ड कॉपी: Rs 100 प्रति सब्जेक्ट
मार्क्स का वेरिफिकेशन: Rs 100 प्रति सब्जेक्ट
री-इवैल्यूएशन: Rs 25 प्रति सवाल
इन शर्तों पर मिलेगा रिफंड
इस साल के खास बदलावों में से एक रिफंड पॉलिसी की शुरुआत है। अगर री-इवैल्यूएशन के बाद किसी स्टूडेंट के मार्क्स बढ़ते हैं, तो बोर्ड उस सवाल या सवालों के लिए दी गई री-इवैल्यूएशन फीस रिफंड कर देगा, जिनकी वजह से मार्क्स बढ़े थे।
यहां वीडियो में देखें कैसे करें अप्लाई
री-इवैल्यूएशन के बाद जो भी मार्क्स मिलेगा, वही फाइनल रिजल्ट होगा
इस कदम से उन स्टूडेंट्स को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्हें लगता है कि उनके जवाबों का सही तरीके से असेसमेंट नहीं किया गया था। CBSE ने साफ किया है कि री-इवैल्यूएशन के बाद स्टूडेंट के मार्क्स बढ़ सकते हैं, घट सकते हैं, या वैसे ही रह सकते हैं। प्रोसेस के दौरान किए गए किसी भी बदलाव को स्टूडेंट के ऑफिशियल रिकॉर्ड में अपडेट किया जाएगा और उसे फाइनल रिजल्ट माना जाएगा। बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि री-इवैल्यूएशन प्रोसेस का नतीजा फाइनल होगा और कैंडिडेट को मानना होगा।