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बीजेपी सांसद ने सदन में बताया था खुद को वक्फ पीड़ित, जानें दिल्ली में कौन-सी जमीन को लेकर है विवाद; ईद पर पढ़ी गई नमाज

 Reported By: Kumar Sonu Written By: Shailendra Tiwari
 Published : Apr 03, 2025 12:45 pm IST,  Updated : Apr 03, 2025 12:45 pm IST

दिल्ली में एक जमीन को लेकर पिछले 2-3 सालों से विवाद की स्थिति बन रही है, जिसे लेकर बीजेपी सांसद ने सदन के दौरान अपनी बात रखी।

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बीजेपी सांसद कमलजीत सेहरावत Image Source : ANI

बीते दिन लोकसभा में वक्फ बिल पर हुई चर्चा के दौरान भाजपा सांसद कमलजीत सेहरावत ने खुद को वक्फ का पीड़ित बताया था, इसके बाद से ही पोचनपुर गांव के साथ श्मशान घाट चर्चा में बन गई है। संसद में बीजेपी सांसद कमलजीत सेहरावत ने बताया कि द्वारका के अम्बरहाई गांव में उनका खुद का घर है वहां से 200 मीटर दूर मंदिर पर वक्फ बोर्ड के लोगों ने वक्फ की जमीन होने का दावा किया।

मंदिर की जमीन को बताया था वक्फ की प्रॉपर्टी

जबकि स्थानीय लोगों के मुताबिक, 1508 से यहां एक शिव मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर में 36 बिरादरी के लोग सैकड़ों सालों से पूजा करते आ रहे थे, घर या जीवन में कोई भी शुरुवात करने से पहले इस मंदिर में पूजा की जाती है, लेकिन अचानक कुछ लोग 2-3 साल पहले आए और इस मंदिर की जमीन को वक्फ की जमीन बताने लगे। यहां तक की वे अपने साथ हरे रंग की चादर लाकर नमाज अदा करने लगे, हाल ही में ईद पर लोगों ने यहां नमाज अदा की।

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Image Source : INDIA TVविवादित जमीन

DDA ने की थी जमीन एक्वायर

जानकारी के मुताबिक, साल 1987 में ये जमीन DDA ने एक्वायर कर ली थी, लेकिन गांव वालों की रिक्वेस्ट के बाद मंदिर अभी भी अस्तित्व में है, लेकिन इसके बाद भी वक्फ बोर्ड ने उसे अपनी जमीन होने का दावा किया। बता दें कि अंबरहाई गांव से सटा हुआ गांव है पोचनपुर, यह गांव जाटों का गांव है, इस गांव का इतिहास भी काफी पुराना है, इस गांव के साथ श्मशान घाट बना हुआ है और यह श्मशान घाट DDA के पार्क में आता है।

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Image Source : INDIA TVDDA का लगा है बोर्ड

गांववालों ने बताई सच्चाई 

इंडिया टीवी ने जब यहां जाकर गावं वालों के सच जानने की कोशिश की तो लोगों ने दावा किया कि यहां श्मशान घाट के अंदर कुछ लोग आते हैं और नमाज पढ़ते हैं और यह दावा करते हैं कि जमीन उनकी है, जबकि गांव के लोगों का यह दावा है कि यह जमीन पहले पोचनपुर गांव के लोगों की होती थी, लेकिन 1987 में यह जमीन DDA ने एक्वायर कर ली और उसके बाद यहां पार्क बना दिया गया। अब गांव के लोगों का आरोप है कि कुछ लोग इसे अब वक्फ बोर्ड की जमीन बता रहे हैं जो कि गलत है।

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